आयुर्वेदिक कॉलेज का लोगो
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आयुर्वेदिक कॉलेज को फिर मिलेगी मान्यता!
सब हेड: स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में है हायर फैकल्टी की कमी
क्रासर
- एक जुलाई को साक्षात्कार होगा, जगह भरने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज को इस सत्र की भी मान्यता मिलने की संभावना है। कॉलेज में सिर्फ एक हायर फैकल्टी की कमी चल रही है। उसके लिए एक जुलाई को साक्षात्कार होना है। इसके बाद शिक्षकों के सभी पद पूर्ण हो जाएंगे।
भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (सीसीआईएम) के मानक अनुसार आयुर्वेदिक कॉलेज में 14 विभागों 15 हायर फैकल्टी होनी चाहिए। मौजूदा समय में कॉलेज मेें काय चिकित्सा, मौलिक सिद्धांत, क्रिया शरीर, रचना शारीर, रस शास्त्र, बाल रोग, रोग निदान, अगद तंत्र, पंचकर्मा, शल्य, शालाक्य विभाग समेत 13 विभागों में हायर फैकल्टी है। सिर्फ स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में पिछले लगभग तीन साल से हायर फैकल्टी की कमी को पूरा नहीं किया जा सकता है। यह कमी पूरी करने की शर्त पर पिछले साल सीसीआईएम ने कॉलेज को मान्यता दी थी। इससे लगभग चार साल बाद कॉलेज में कक्षाएं शुरू हो सकी थीं। इस सत्र की मान्यता के लिए सीसीआईएम की टीम ने मई में कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान लाइब्रेरी में किताबों की संख्या, कक्षाएं, बिल्डिंग आदि मानक अनुसार मिली लेकिन हायर फैकल्टी की कमी फिर आड़े आ गई। निरीक्षण के बाद कॉलेज ने शासन को पत्र भेजकर कमी पूरी करने की मांग की। इस पर शासन ने एक जुलाई का साक्षात्कार का विज्ञापन जारी कर दिया। साक्षात्कार में हायर फैकल्टी का चयन कर कमी दूर होने की संभावना है।
जरूर मिलेगी मान्यता
कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में रिक्त चल रही एक हायर फैकल्टी की कमी दूर करने को एक जुलाई को इंटरव्यू होना है। चयन के बाद कॉलेज सीसीआईएम के सभी मानक पूर्ण कर लेगा। इस साल भी मान्यता जरूर मिलेगी।
- डॉ. सुरेश चंद्र, प्राचार्य, आयुर्वेदिक कॉलेज।