गाड़ी चोरी के मामले में गुरसराय पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाते हुए महिलाओं व युवकों ने रविवार को थाने के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने लाठियां फटकारीं, जिससे भगदड़ मच गई। लाठी लगने से तीन महिलाओं समेत चार लोगों को चोटें आईं। घटना से नाराज एक युवक ने मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। किसी तरह मामले को शांत किया गया। पुलिस अफसरों ने घटना की जांच सीओ मोंठ बृजराज को सौंपी है।
गुरसराय के नारायणपुरा निवासी दीनदयाल की पत्नी द्रोपदी ने दो फरवरी को संपूर्ण समाधान दिवस में दिए प्रार्थना पत्र में अवगत कराया था कि 31 जनवरी को उनकी कार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास खड़ी थी। शाम के वक्त एक प्रभावशाली युवक अपने साथियों के साथ आया और जबरन कार को ले जाने लगा। उनके पति एवं लड़के ने मना किया तो उसने अपने साथियों के साथ हवाई फायरिंग कर दहशत फैला दी। पुलिस को सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अभी भी प्रभावशाली व्यक्ति उनकी कार अपने पास रखे हुए है। प्रभावशाली व्यक्ति खुद को पत्रकार बताता है, जिससे पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। साथ ही पुलिस ने उनके लड़के मोहित कुशवाहा को वाहन चोरी के झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया है।
इसी मामले को लेकर रविवार को कई महिलाएं व युवक थाने पहुंच गए और न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन करने लगे। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आक्रोशित महिलाओं के साथ मारपीट कर दी, जिससे हंगामा हो गया। पुलिस की कार्रवाई से भगदड़ मच गई। मारपीट से शारदा, फूलादेवी, द्रोपदी और सचिन चोटहिल हो गए। इसी दौरान दीनदयाल के पुत्र अजय ने आत्मदाह करने के लिए खुद पर मिट्टी का तेल डाल लिया। इससे स्थिति और बिगड़ गई। सूचना पर कई थानों की पुलिस और सीओ मोंठ बृजराज मौके पर पहुंच गए। बाद में पुलिस ने अजय व चारों लोगों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया। घटना के कारण दिनभर थाने के आसपास गहमागहमी का माहौल बना रहा।
‘पुलिस ने वक्त पर स्थिति को काबू कर लिया था। आत्मदाह करने वाले युवक का चालान कर दिया गया है। घटना की जांच सीओ मोंठ को सौंपी गई है। जांच में संबंधित परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता का पता चल जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।’
राहुल मिठास, एसपी ग्रामीण।
भाई को फर्जी फंसाया
आत्मदाह की कोशिश करने वाले अजय कुशवाहा ने बताया कि पुलिस ने उसके भाई मोहित कुशवाहा को फर्जी तरीके से वाहन चोरी में जेल भेज दिया। जबकि उसका घटना से कोई लेना देना नहीं था। इतना ही नही पुलिस ने उसकी कार को भी पत्रकार बताने वाले प्रभावशाली युवक को सौंप दी।