औद्योगिक विकास के दावे और वादे तो बड़े-बड़े हो रहे हैं, लेकिन हकीकत में स्थिति इतर है। इसका अंदाजा ग्वालियर रोड औद्योगिक क्षेत्र को देखकर लगाया जा सकता है। यहां स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी दुरुस्त नहीं हैं। क्षेत्र की आधी लाइट खराब पड़ी हुई हैं, जिससे शाम से ही यहां अंधेरा पसर जाता है। न तो नगर निगम ध्यान दे रहा है और न ही उद्योग विभाग को इसका भान है।
ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग से आगे अमर उजाला तिराहे से औद्योगिक क्षेत्र में जाने वाली सड़क पर एक ओर एक दर्जन स्ट्रीट लाइट लगी हुई हैं। लेकिन, इनमें से आधी स्ट्रीट लाइट पिछले एक महीने से बंद पड़ी हुई हैं। अंधेरे का लाभ उठाकर लोग इस सड़क के इर्दगिर्द अक्सर नशाखोरी करते नजर आते हैं।
ये स्थिति तब है जबकि पास में ही पालीटेक्निक कालेज का महिला छात्रावास व स्टाफ की कॉलोनी है, जिसके कारण इस सड़क पर देर शाम तक आवागमन लगा रहता है। अंधेरा होने की वजह से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है और खतरा भी बना रहता है। बावजूद, रोजगार के इस बड़े केंद्र की व्यवस्थाओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ये समस्या संज्ञान में नहीं थी। लेकिन, अब तत्काल स्ट्रीट लाइट दुरुस्त कराई जाएंगी। इसके अलावा क्षेत्र में जिन स्थानों पर लाइट की कमी होगी, वहां भी नई लाइट लगाई जाएंगी।
- प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त
औद्योगिक क्षेत्र के विकास का काम जल्द शुरू किया जाना है। इसके तहत यहां लाइटों की व्यवस्था भी दुरुस्त कराई जाएगी। लेकिन, इससे पहले नगर निगम से संपर्क कर लाइट ठीक कराई जाएंगी।
- सुधीर श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग