श्रेणी - कोर्ट
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फुफेरे भाई को आजीवन करावास
- जेवरात व रुपया वापस मांगने पर की थी ममेरी बहन की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या एक सुशील कुमार द्वितीय की अदालत ने ममेरी बहन की हत्या का दोष सिद्ध होने पर फुफेरे भाई को आजीवन कारावास व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बीके राजपूत ने बताया कि 1 नवंबर 2016 को नई बस्ती निवासी फिरोज खां पुत्र गुरियल खां ने थाना समथर में लिखित तहरीर देते हुये बताया था कि शाम करीब 06:45 बजे बुआ का लड़का हाजिर खां पुत्र शेर खां निवासी ग्राम अमीटा थाना एट जिला जालौन हाल निवासी टूटा गढा थाना समथर व उसके साथ एक अज्ञात लड़का मोटर साइकिल से आये। उस समय फिरोज की बहन आसमीन छोटी बहन गुड्डन के साथ दरवाजे पर खड़ी थी। हाजिर खां ने आसमीन के सिर पर कुल्हाड़ी से कई वार कर किए, जिससे वह लहुलूहान होकर गिर पड़ी। उस समय पिता गुरियल खां भैंस का दूध दोह रहे थे व माँ उनके पास ही बैठी थी। बहन गुड्डन ने आसमीन को बचाना चाहा तो हाजिर खां कुल्हाड़ी लहराता हुआ अपने साथी के साथ मोटर साइकिल से भाग गया। आसमीन को तत्काल उपचार के लिये सीएचसी मोंठ ले जाया गया।
जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिरोज ने बताया कि हाजिर खा उसके घर रोजाना दूध लेने आता था। उसने आसमीन को बहला-फुसला कर उसके जेवर व 02 लाख रुपये ले लिये थे, जिसे आसमीन वापस मांग रही थी। जिसके चलते हाजिर खां ने आसमीन की हत्या कर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था। शुक्रवार को अदालत ने हाजिर खां को धारा 302 के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और एक लाख अर्थदंड सुना। जबकि, साक्ष्य अभाव में अनीस खां को दोष मुक्त कर दिया गया। अर्थदंड की धनराशि में से 80 प्रतिशत राजस्व के बकाया की भांति वसूलकर मृतका के वारिसान को बतौर प्रतिकर दी जाएगी।