मकान के लाले, कहीं ताले, कहीं किराए पर उठा डाले
- मेडिकल कॉलेज में बंद पड़े हैं आवंटित आवास
- कुछ कर्मचारियों ने बाहरी लोगों को किराये पर दे रखे हैं घर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में कई कर्मचारियों को आवास नहीं मिल पा रहे हैं। दूसरी तरफ कुछ कर्मचारियों ने आवंटित मकान को किराए पर उठा रखा है, तो कुछ ने बंद कर रखा है। इससे बाहरी तत्व परिसर रह रहे हैं। वहीं, बंद मकान असुरक्षा बढ़ा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए बने आवासों का कुछ लोग बेजा फायदा उठा रहे हैं। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि कुछ कर्मचारियों ने सरकारी आवास होने के कारण न्यूनतम दर की वजह से अधिक किराए पर लोगों को मकान किराए पर उठा रखे हैं, जोकि नियम विपरीत है। ऐसे में बाहरी तत्व परिसर में रह रहे हैं। वहीं, कुछ कर्मचारियों ने आवंटित मकान को सालों से बंद रखा है। न तो वह इसका उपयोग कर रहे हैं और न ही किसी अन्य जरूरतमंद कर्मचारी को मकान मिल पा रहा है। बंद मकान की वजह से कॉलोनी में असुरक्षा भी है। एक्सरे टेक्नीशियन के जिस घर में वारदात हुई, उसके ऊपर और बगल वाले मकान के ऊपरी तल का आवास भी लंबे समय से खाली पड़ा है। साथ ही पीछे भी कुछ मकान खाली हैं। शायद इसी वजह से बदमाशों ने यहां हत्या और लूटपाट की घटना को अंजाम देने का दुस्साहस किया। मृतका चीखी-चिल्लाई भी होगी तो कोई उसकी आवाज नहीं सुन सका और बदमाश आराम से घटना को अंजाम देने के बाद निकल गए। यदि ऊपरी माले में कोई रह रहा होता तो उसको जरूर आहट सुनाई दी होती। फिर शायद ये अनहोनी टल सकती थी।
वर्जन..
कराया जाएगा सत्यापन
आवंटित आवासों में रहने वाले लोगों का सत्यापन कराया जाएगा। यदि कोई आवास लंबे समय से बंद मिलता है तो आवंटन निरस्त कर जरूरतमंद दूसरे कर्मचारियों को मकान दिए जाएंगे। - डॉ. जीके अनेजा, प्राचार्य।