एडीजी की पत्रकार वार्ता
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बदमाशों के घर में घुसकर कार्रवाई करें जीआरपी : एडीजी
- मौके पर ही यात्री की समस्या दूर करने के निर्देश
- परिक्षेत्र के 75 बदमाशों का कराया जा रहा सत्यापन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। एडीजी रेलवे बीके मौर्य ने कहा कि जीआरपी खुद को प्लेटफार्म तक ही सीमित न समझें। बदमाशों को सबक सिखाने एवं अपराध रोकने के लिए वह उनके घर में घुसकर कार्रवाई करें। सिपाही मौके पर ही यात्रियों की समस्याओं को दूर करें। मंगलवार को यह बात उन्होंने एसपी कार्यालय में पत्रकारों से कहीं।
एडीजी ने कहा कि ट्रेनों और प्लेटफार्म पर होने वाली चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जीआरपी अपनी कार्यशैली बदलेगी। अब वह चोरी के घटनाओं को अंजाम देने में लिप्त बदमाशों को घर में जाकर दबोचेंगी। उनकी धरपकड़ के लिए गांव-गांव दबिश दी जाएगी। चोरों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जीआरपी नौ नवंबर से विशेष अभियान चला रही है। अभियान के दौरान पूरे प्रदेश में अब तक कई चोरी के मोबाइल, नकदी, आभूषण और सामान बरामद हुए हैं। एडीजी ने कहा कि अपराधों में कमी लाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अब एसआई से लेकर प्रत्येक सिपाही का दायित्व बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के शातिर 75 बदमाशों की काउंसलिंग शुरू कर दी है। ट्रेन में अपराध रोकने के लिए एडीजी ने एसपी रेलवे, सीओ और थानेदारों को सुझाव दिए कि नियमित अंतराल पर वे स्टेशन पर जाकर यात्रियों से बात करें। परेशानी पूछकर मौके पर ही समाधान कराए। इस मौके पर डीआईजी बीएल मीणा, एसपी रेलवे डा. ओपी सिंह व सीओ धर्मेंद्र कुमार मौजूद रहे।
ई-एफआइआर में दर्ज कराएं शिकायत
यात्री ट्रेन में ही अपनी शिकायत और रिपोर्ट दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए ई-एफआइआर व्यवस्था शुरू की गई है। उन्होेंने इसका प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए है। स्कार्ट टीम यात्रियों से अपना मोबाइल नंबर और नाम साझा करेगी, जिससे कोई भी परेशानी होने पर उन्हें तत्काल सूचित किया जा सके। ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतेंगे पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा। भ्रष्टाचार में संलिप्त होने पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।
ऑनलाइन एप देगा अवकाश
एडीजी ने कहा कि जीआरपी सिपाहियों को अवकाश मिलने में कोई भेदभाव न हो, इसके लिए ऑनलाइन एप से ही जवानों को छुट्टी दी जाएगी। एप में छुट्टी के साथ ही ड्यूटी रोस्टर, गुडवर्क भी अपडेट होगा।