सिविक एमीनिटीज
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सड़क पर गड्ढे या गड्ढों में सड़क
सब हेड -- दतिया गेट-फिल्टर रोड का हाल बेहाल, मामूली बरसात में दे गई जवाब
क्रासर
- कीचड़ के कारण निकलने में हो रही है परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरसात से पूर्व सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए थे। शहर में अभियान चलाकर सड़कें दुरुस्त कर दी गई थीं, लेकिन मामूली बरसात में सड़कें जवाब दे गई हैं। इन सड़कों पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि कह पाना मुश्किल लग रहा है कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क है।
दतिया गेट फिल्टर रोड
दतिया गेट से फिल्टर रेलवे क्रॉसिंग जाने वाली सड़क पर थापक बाग का नाला निकलता है। इस नाला के ऊपर पुलिया तोड़कर बड़ा पुल बनाया गया, लेकिन ठेकेदार ने पुल के दोनों ओर सड़क को पक्का करना उचित नहीं समझा, जिससे बरसात के दिनों में यहां से निकलने वाले दुपहिया वाहन चालकों को तकलीफ होती है, क्योंकि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे है। इन गड्ढों में कभी नाली का पानी तो कभी बरसात का पानी भर जाता है। इतना ही नहीं, यहां पर स्ट्रीट लाइट भी नहीं जलती है। रास्ते में अंधेरा होने के कारण यहां से निकलने वालों को डर लगता है, क्योंकि यहां पर सुनसान इलाका पड़ जाता है। ठेकेदार से कई बार सड़क दुरुस्त करने को कहा गया, लेकिन उसने इस कान से सुना और दूसरे कान से निकाल दिया। अफसरों का भी ठेकेदार के ऊपर कोई जोर नजर नहीं आता है।
बीकेडी से ग्वालियर रोड
बीकेडी कालेज चौराहा से ग्वालियर रोड जाने वाले मेनरोड पर धर्मकांटा के सामने नाला सफाई के दौरान करीब दो महीने पहले नाले के ऊपर से पत्थर हटाया गया था, लेकिन इस नाले की न तो सफाई हुई और न ही पत्थर को ज्यों का त्यों ढंका गया। अब स्थिति यह है कि स्ट्रीट लाइट बंद है और अंधेरे में बीच सड़क पर नाला दिखाई नहीं देता है। इससे आए दिन राहगीर खुले नाले से टकराकर गिर रहे हैं। दरअसल, मुन्नालाल पावर हाउस के आगे एक मयखाना है, जहां से टल्ली होकर रात में दस से ग्यारह बजे तक यहां झूमते शहरवासियों की खासी भीड़ रहती है, जो पैदल ही बीकेडी की ओर जाते हैं। लेकिन, अंधेरे में उन्हें न तो खुला नाला नजर आता है और न ही नाले से बचाव का उनके पास कोई इंतजाम होता है। जानकारी मिली है कि नाला सफाई कराने के लिए खुलवाया गया था, लेकिन नाले की जमीन पर आगे अवैध कब्जा होने के कारण न तो उसकी सफाई हो पा रही है और न ही उसे बंद किया जा रहा है।
इलाइट से गोविंद चौराहा मार्ग
इलाइट चौराहा से गोविंद चौराहा मार्ग शहर के व्यस्ततम मार्गों में से एक है। इस रोड पर पुलिस लाइन ग्राउंड के सामने लोहापीटा परिवार रहता है। यहां पर स्ट्रीट लाइट नहीं जलने के कारण अंधेरा रहता है। इसी अंधेरे के कारण यहां पर बना एक गड्ढा जानलेवा साबित हो रहा है। यह गड्ढा इतना खतरनाक है कि दूर से दिखाई नहीं देता, लेकिन जब दुपहिया वाहन अचानक गड्ढे के सामने आता है तो उसे गड्ढा नजर आता है, जिससे वह अचानक ब्रेक मारता है। इससे कई बार संतुलन बिगड़ जाता है। अगर बाइक सवार अपने साथ किसी महिला अथवा बच्चों को ले जाता है और गड्ढा में संतुलन बनाने के लिए ब्रेक मारता है तो अक्सर गाड़ी से नीचे की ओर झुक जाते हैं। इस खतरनाक गड्ढे की ओर किसी जिम्मेदार अफसर का ध्यान नहीं है।
गल्ला मंडी रोड पर रेजीडेंसी के पास
बस स्टैंड से गल्ला मंडी रोड जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन कैलाश रेजीडेंसी के सामने इतना बड़ा गड्ढा है कि यदि संभलकर गाड़ी नहीं चलाई और उस ओर चले गए तो जान के लेने के देने पड़ सकते हैं। इस सड़क की खास बात यह है कि यहां सफाई नहीं होती है। यदि सफाई होती है तो नालियों की सिल्ट साफ नहीं की जाती। इस कारण नालियों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर पूरी सड़क पर फैलता रहता है। यहां पर बड़े लोगों ने नाले पर अतिक्रमण कर रखा है, जिससे नगर निगम के अफसर यहां न तो अतिक्रमण हटाने पर ध्यान दे रहे हैं और न ही इस रोड की व्यवस्थाएं दुरुस्त हो पा रही हैं।
यहां पर भी है गड्ढे
राजीव नगर में महावीरनपुरा मार्ग, सीपरी बाजार ओवरब्रिज के नीचे बिजली आफिस के सामने, बड़ागांव गेट से नारायण बाग मार्ग, शाकी शाह मजार से बड़ागांव गेट बाहर, बड़ा बाजार से लक्ष्मीगेट रोड और शिवाजी नगर मार्ग पर भी गड्ढे हैं।
बरसात के बाद सही कराएंगे
बरसात बंद होने के बाद सड़कें फिर से ठीक कराई जाएंगी और जहां पर भी गड्ढे होंगे, उन्हें सही कराया जाएगा।
- एके शर्मा
अधिशासी अभियंता
नगर निगम