थोक कपड़ा व्यापारियों का अर्धनग्न प्रदर्शन
- जीएसटी और सूरत में व्यापारियों पर लाठी चार्ज का किया विरोध
- मालिनों का चौराहा पर एकजुट हुए व्यापारी, खूब की नारेबाजी
- प्रमुख बाजारों में थोक कपड़ा बिक्री केंद्रों पर पसरा रहा सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जीएसटी और सूरत में कपड़ा व्यापारियों के पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में शनिवार को थोक कपड़ा व्यापारियों ने अर्द्धनग्न होकर बाजार में जुलूस निकाला। व्यापारियों ने कपड़े को जीएसटी से मुक्त रखने के लिए मालिन चौराहे पर प्रदर्शन किया और खूब नारेबाजी की। इस कारण ज्यादातर थोक कपड़ा की दुकानें बंद रहीं।
शनिवार को जीएसटी के विरोध में महानगर के करीब 125 थोक कपड़ा कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। इससे मालिनों का चौराहा के पास गली, मानिक चौक और आसपास के बाजार में सन्नाटा रहा। अध्यक्ष ओमप्रकाश मर ने कहा कि कपडे़ पर किसी भी हालत में जीएसटी स्वीकार नहीं है। महामंत्री संजय सेठ ने कहा कि सरकार ने अगर हमारी मांग नहीं मानी तो हमारा व्यापार अनिश्चितकाल के लिए भी बंद हो सकता है। राजेंद्र पटवारी ने कहा कि यार्न (धागा) पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी की जगह जीएसटी लगा दिया जाए। इसके बाद व्यापारियों ने अर्द्धनग्न होकर मालिन चौराहे से बिसाती बाजार, नरिया बाजार, सर्राफा, मानिक चौक, बड़ा बाजार, गांधी रोड पर जुलूस निकाला। जुलूस में व्यापारी जीएसटी के विरोध में लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे। सूरत में कपड़ा व्यापारियों पर पुलिस द्वारा लाठी चार्ज करने के विरोध में खूब खूब नारेबाजी की गई।
इस अवसर पर सचिव संजय सेठ, महेेंद्र मर, महेंद्र अग्रवाल, नरेंद्र गुप्ता, राकेश सरावगी, विनीत अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, रवींद्र सिंघल, राजेश सिंधी, संजय अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, अशोक सिंघल, राजेंद्र पटवारी, अमरनाथ दुबे, अनिल पटवारी, पंकज अग्रवाल, सुधीर सेठ, राजीव गुप्ता, मुकेश अग्रवाल, अलंकार जैन, प्रीतम मौजूद थे।
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कफन पर भी लग रहा टैक्स
मुस्लिमों को कफन के लिए 18 मीटर और हिंदुओं को छह मीटर कपड़े की आवश्यकता पड़ती है। जीएसटी में तो कफन के कपड़े पर भी टैक्स का प्रावधान किया है। यह काम अभी तक किसी सरकार ने नहीं किया।
- राजेंद्र पटवारी, थोक कपड़ा व्यापारी।
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दुष्परिणाम सामने आएंगे
देश से अगर जीएसटी नहीं हटता है तो इसके दुष्परिणाम सामने आएंगे। इस व्यापार से हजारों परिवार जुड़े हैं, जिसका सीधा असर उन पर पड़ेगा। हम किसी भी हालत में जीएसटी में पंजीकरण नहीं कराएंगे।
- ताहिर खान, थोक कपड़ा व्यापारी।
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बर्बाद हो जाएगा व्यापारी
उधारी पर चलने वाले कपड़े के व्यापार पर टैक्स लगने से व्यापारी बर्बाद हो जाएगा। जबकि, जीएसटी में व्यापारी को समय पर टैक्स भरना है। सरकार कपड़ा व्यापारियों की इस परेशानी को समझ नहीं रही है। इसके विरोध में पूरे देश में कपड़ा व्यापारी सड़क पर उतर आया है।
- ओम प्रकाश मर, थोक कपड़ा व्यापारी।
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बगैर सूचना के थोपा जा रहा टैक्स
आजादी के बाद से किसी भी सरकार ने कभी कपड़े पर टैक्स नहीं लगाया और बगैर किसी पूर्व सूचना के यह थोपा जा रहा है। सरकार को चाहिए कि यार्न (धागा) पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी की जगह जीएसटी लगा दिया जाए।
- अशोक सिंघल, थोक कपड़ा व्यापारी।
आज करेंगे हवन
जीएसटी और सूरत के व्यापारियों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में झांसी थोक वस्त्र व्यापार मंडल ने आठ जुलाई से 96 घंटे बंद का आह्वान किया है। इसके तहत नौ जुलाई को शाम तीन बजे से छह बजे तक मालिनों का चौराहा पर वित्तमंत्री अरुण जेटली की बुद्धि-शुद्धि के लिए सुंदर कांड, हवन और प्रसाद वितरण करेंगे।