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चलती मालगाड़ी का गेट गिरा, एक की मौत
सब हेड: डबरा में ओवरब्रिज के पास हुआ हादसा, एक घायल
क्रासर
रेलवे ने किया मुआवजा देने से इनकार
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुधवार सुबह डबरा स्टेशन के पास चलती मालगाड़ी का गेट टूटकर 50 वर्षीय महेश खटीक के ऊपर गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई। गेट की चपेट में आने से एक अन्य घायल हो गया। घटना स्टेशन के ओवरब्रिज के पास हुई। हादसे में मृत और घायल को मुआवजा देने से रेलवे ने इनकार कर दिया है।
ग्वालियर से एक खाली मालगाड़ी (एमटी बाक्स स्पेशल) झांसी की तरफ आ रही थी। मालगाड़ी के कई वैगनों के गेट कर्मचारियों ने बंद नहीं किए थे, जिससे वह आवाज करते हुए जा रहे थे। सुबह 9.30 बजे जब मालगाड़ी डबरा स्टेशन के नजदीक ओवरब्रिज के पास से गुजर रही थी, तभी एक वैगन का खुला गेट टूटकर पास की दूसरी पटरी पर खड़े दो लोगों पर गिरा। इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर पहुंची आरपीएफ और जीआरपी ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां एक की मौत हो गई। मृतक का नाम डबरा के मेन मार्केट गली नंबर दो निवासी महेश खटीक (50) और घायल का जंगीपुरा निवासी निजाम खान बताया गया है।
इधर, मालगाड़ी के सोनागिर स्टेशन पहुंचने पर वैगनों के खुले दरवाजों को बंद किया गया। मौके पर पहुंचे सिगनल, ट्रैफिक, सीएंडडब्लू के सुपरवाइजरों ने घटना के संबंध में संयुक्त नोट तैयार किया गया, जो बाद में उच्च अधिकारियों को सौंप दिया गया। डीआरएम एके मिश्रा ने बताया कि हादसे में मृतक और घायल दोनों गलत तरीके से पटरियों पर खड़े हुए थे। इसलिए उनको कोई मुआवजा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि गेट टूटकर कैसे फिंका, इसकी जांच की जा रही है।
अक्सर होती है लापरवाही
मालगाड़ी के साइडिंग स्टेशन पर खाली होने के बाद कर्मचारियों का कर्तव्य हैं कि वे वैगनों के ठीक तरह से गेट बंद कर दें। गार्ड को भी सभी गेट बंद होने पर ही मालगाड़ी को आगे चलवाना चाहिए, मगर अक्सर खाली वैगनों के गेटों को बंद करने में लापरवाही देखी जाती है। इससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं। गेट अगर टूटकर पटरी पर गिर जाए तो मालगाड़ी का पटरी से उतरना भी तय है। मगर, इसके बाद लापरवाही पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।