झांसी। जिले से काफी संख्या में जायरीन हर साल हज के लिए जाते हैं। जिले से इस साल 170 से अधिक लोगों को हज पर जाना है। कोरोना वायरस के चलते सऊदी सरकार ने भी स्थिति क्लीयर नहीं की है। ऐसे में रोक की पूरी संभावना के चलते जायरीनों में मायूसी छा गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमित प्रताप सिंह ने बताया कि हज यात्रियों को लेकर निदेशालय से अभी तक किसी भी तरह का कोई भी आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश आते ही अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रति व्यक्ति आता है ढाई से तीन लाख रुपये खर्च
हज करने जाने वाले प्रति जायरीन ढ़ाई से तीन लाख रुपये खर्च आता है। इसमें एयरलाइंस टिकट, वीजा, होटल स्टे मक्का व मदीना में, फुल ट्रांसपोटेशन, मोअल्लिम खर्च आदि शामिल है।
काफी सालों से अल्लाह के दर का दीदार करने की योजना को बना रहे थे। लेकिन इस बार पक्का इरादा कर लिया था। शायद अल्लाह तआला की मर्जी नही है। अगली साल हज के लिए फिर से आवेदन करूंगा। कमाल मोहम्मद,
सालों से अल्लाह के दर का दीदार करना चाहता था। इस साल हज करने के लिए आवेदन भी किया था। लेकिन कोराना संक्रमण के चलते हज पर नही जा पा रहा हू। जब अल्लाह का हुक्म होगा तब जाऊंगा। - अजमत बेग
ये तो अल्लाह तआला की मर्जी है। जिसे चाहे जब चाहे अपने दर पर बुला ले। अल्लाह पाक से इस जानलेवा बीमारी से देश को निजात की दुआ मांग रहा हूं। अगली बार जरूर अल्लाह के दर का दीदार करूंगा। बी जेड खान
हज पर जाना दिल में बडा अरमान था। बड़ी उम्मीदों के साथ हज के लिए आवेदन किया था। लेकिन हज यात्रा इस बार रद्द कर दिया गया है। अल्लाह से दुआ कर रही हूं कि अगली बार जरूर हज पर बुला ले। - रईसा