सिविल लाइंस स्थित इलाहाबाद बैंक तिराहे के पास अरबों रुपये की बेशकीमती जमीन को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। फर्जी वसीयतनामा के आधार पर जमीन हड़पने के आरोप में जमीन कारोबारी समेत 17 लोगों के खिलाफ नवाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल, आपराधिक षड्यंत्र और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
होशंगाबाद के पिपरिया निवासी राघवेंद्र पालीवाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सिविल लाइंस के खाता संख्या 52 में दर्ज आराजी संख्या 294 की 1.668 हेक्टेयर जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि इस जमीन पर कब्जा करने के लिए वर्ष 2021 में 30 रुपये के स्टांप पेपर पर वसीयतनामा तैयार कराया गया। यह वसीयतनामा पंजीकृत नहीं था। इसके आधार पर पूरी जमीन का बैनामा कराकर कब्जा करने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों में हेराफेरी की गई और कूटरचित अभिलेखों के आधार पर कब्जा किया गया। विरोध करने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। सीओ सिटी रामवीर सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
महाराष्ट्र के पारसी कॉलोनी निवासी नैविल रौनी डिक्क समेत रवि राय, संजय राय, अखिल राय, आशुतोष राय, अमित सिंह, शैली राय, नरेंद्र कौशिक, मयूर अग्रवाल, सुमित राय, रजत गुप्ता, ऋषभ राय, संजय निगम, फिरदोस पी. भागलिया, विनोद प्रजापति, फरूख पेस्टनजी और मोना हांडा को नामजद किया गया है।
तीन साल पहले रातोंरात कर दी गई थी घेराबंदी
शिकायत के अनुसार, करीब तीन साल पहले इस बेशकीमती जमीन पर अचानक टीन की बैरिकेडिंग कर कब्जा कर लिया गया था। सुबह लोगों ने पूरी जमीन को घिरा हुआ देखा था। उस समय भी जमीन पर कब्जे को लेकर सवाल उठे थे।
25 से 35 हजार रुपये वर्गफीट तक बताए जा रहे दाम
इलाहाबाद बैंक तिराहे के पास होने के कारण इस जमीन की कीमत काफी अधिक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां प्लॉटिंग की जा रही है और जमीन के दाम 25 से 35 हजार रुपये वर्गफीट तक बताए जा रहे हैं। आरोप है कि बैरिकेडिंग के अंदर कई हिस्सों की बिक्री और निर्माण भी हो चुके हैं।