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हैंडपंपों में रुक-रुककर आ रहा पानी

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हैंडपंपों में रुक-रुककर आ रहा पानी
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ललितपुर। वार्ड नंबर नौ सिविल लाइन प्रथम के चांदमारी और वसुंधरा कॉलोनी क्षेत्र में गर्मी शुरू होते ही पानी का संकट गहरा गया है। लोगों को हैंडपंप से पानी जुटाना मुश्किल पड़ रहा है। कई हैंडपंपों से रुक-रुककर पानी निकल रहा है।
सिविल लाइन का चांदमारी और वसुंधरा कॉलोनी का क्षेत्र ड्राईजोन कहलाता है। यहां बरसात के मौसम में हैंडपंप खूब काम करते हैं, लेकिन गर्मियों में पानी निकलना कम हो जाता है। कई हैंडपंप तो पूरी तरह सूख जाते हैं। इस कारण स्थानीय लोगों को आसपास लगे हैंडपंप तलाशने पड़ते हैं, जिससे चालू हैंडपंपों पर भीड़ लगने लगती है। इस समय ऐसी ही स्थिति उत्पन्न होने लगी है।
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कई हैंडपंपों का पानी नीचे की ओर खिसक गया है। इस कारण हैंडपंप रुक-रुककर पानी देने लगे हैं। यदि इन हैंडपंपों से पानी लगातार निकाला जाता है तो कुछ घंटों के लिए हैंडपंप पानी छोड़ देते हैं, ऐसे में लोगों को दुबारा ऊपर पानी आने के इंतजार में बैठना पड़ता है। इसमें लोगों का कीमती समय बर्बाद होता है। कई लोग तो पानी का स्टाक बनाकर चलते हैं, इससे उन्हें अगले दिन के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ता है। मई और जून में अधिकांश हैंडपंप सूख जाते हैं, ऐसे में पानी के टैंकर ही एक मात्र सहारा रह जाते हैं। नेहरू नगर पाइप पेयजल योजना से लोगों को उम्मीद बंधी थी, लेकिन उसका कहीं अता-पता नहीं है। इसका काम शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों में मायूसी है।

मोहल्ले में पानी की बहुत समस्या है। पूरा दिन हैंडपंप से पानी भरने में निकल जाता है। कई बार हैंडपंप बीच-बीच में पानी छोड़ देता है, जिससे घर का दूसरा अन्य काम नहीं कर पाते हैं। इसी पर ध्यान बना रहता है। देखते रहते हैं कि कब हैंडपंप खाली हो।
- निर्मला

गर्मी की शुरुआत होते ही हैंडपंपों ने पानी छोड़ना प्रारंभ कर दिया है। मोहल्ले के कई हैंडपंप पूरी तरह सूख गए हैं। इससे लोगों को घर से काफी दूर तक पानी भरना पड़ रहा है। नेहरू नगर पेयजल योजना अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है। इससे समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है।
- बाबूलाल

मोहल्ला में जिन लोगों के घर में बोरिंग है, उनकी बोरिंग में भी पानी कम निकलने लगा है। इससे पानी की समस्या सभी के लिए बनने लगी है। इस बार अभी तक पानी के टैंकर भी चालू नहीं हुए हैं। इससे गर्मी का सीजन निकलना मुश्किल दिखाई दे रहा है।
- कस्तूरी

हैंडपंप से पानी एकत्रित करना आसान नहीं है। पानी जुटाने के लिए पूरा परिवार साथ आता है, तब जाकर पूरे दिन के लिए पानी इकट्ठा हो पाता है। यदि स्टाक बनाकर नहीं चले तो पानी कम कब पड़ जाए, यह पता नहीं चलता। इसलिए पानी का स्टाक बनाकर चलना पड़ता है।
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- लक्ष्मी
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वार्ड ड्राईजोन में है, जिससे गर्मियों में पानी की समस्या गंभीर हो जाती है। हर साल वह व्यक्तिगत टैंकर चलवाते हैं। तब जाकर पूरे मोहल्ले के लिए पानी का इंतजाम हो पाता है। इसमें जल संस्थान भी अपने टैंकर चलाता है। शीघ्र ही टैंकर शुरू कराए जाएंगे।
- भारत भूषण चौरसिया, सभासद, सिविल लाइन प्रथम
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