ओवरब्रिज निर्माण: 25 तक तैयार हो जाएगी बीम
शटरिंग लगाने का काम पूरा, चौथे पिलर की आज से भरेगी नींव
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
सीपरी बाजार में ओवरब्रिज निर्माण ने तेजी पकड़ ली है। ब्रिज के एक तरफ दो पिलरों के बीच बीम डालने के लिए शटरिंग कस ली गई है। इस बीम को कंक्रीट से 25 फरवरी तक भरा जाएगा। इस काम में दो दिन लगेंगे। हालांकि, दूसरी बीम को डालने अभी तीन महीने का वक्त और लगेगा। साथ ही चौथे पिलर की नींव भरने का काम 18 फरवरी से शुरू हो जाएगा।
अभी तक सीपरी बाजार ओवर ब्रिज निर्माण में रेलवे के हिस्से के चार में तीन पिलर 13 मीटर ऊंचाई तक बीम डालने के हिसाब से बनकर तैयार हो गए हैं। चौथे पिलर का गड्ढा खुद चुका और उसकी कंक्रीट से भरने का काम 18 फरवरी से शुरू हो जाएगा। नींव डलने के बाद पिलर को 13 मीटर ऊंचाई तक बना लिया जाएगा। इस काम में एक महीना लगेगा। इसके बाद दूसरी बीम डालने का काम होगा।
चूंकि, चित्रा चौराहे के तरफ के दोनों पिलर के बीच बीम डालने के लिए शटरिंग लगाने का काम पूरा हो गया है। शटरिंग में 35 टन सरिया लगाया गया है। इनके बीच बीम डालने का काम 25 फरवरी तक होगा। बीम डालने में दो दिन लगेंगे। बीम के अंदर कंक्रीट को पंप के जरिये भरा जाएगा। पंप को पानी की टंकी के पास स्टोर में लगाया जाएगा, जहां से पाइप के जरिये कंक्रीट को बीम तक पहुंचाया जाएगा। कार्य के दौरान सतर्कता के विशेष इंतजाम रहेंगे, ताकि पुल के नीचे से गुजरने वाले राहगीरों को दिक्कत न हो। इस शटरिंग को एक महीने बाद खोला जाएगा। दूसरी बीम तीन महीने बाद डाली जाएगी। इसके बाद गार्डर डालने का काम आसान हो जाएगा।
मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने 2012 में ओवर ब्रिज निर्माण को स्वीकृति दी थी। राज्य सेतु निगम अपने हिस्से का काम 2016 में पूरा कर चुका है।
गार्डर बनने में हो रही देरी
बीम बनने के बाद पटरियों के ऊपर 50 मीटर के छह गार्डर रखे जाएंगे। सड़क के दोनों तरफ 36-36 मीटर के छह-छह गार्डर रखेंगे। एक गार्ड का वजन 75 टन है जो उत्तराखंड में बनने हैं। इनमें 36 मीटर छह गार्डर बनकर झांसी आ चुके हैं। जबकि, 50 मीटर लंबे गार्डर बनने का काम शुरू नहीं हो सका है। दरअसल, इन गार्डरों को बनाने के लिए भिलाई कारखाने को सामग्री देनी है, जो वह उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। सामग्री मिलने में दो से तीन महीने लग सकते हैं।