मेडिकल कॉलेज का लोगो
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मेडिकल कॉलेज में लकवा के इंजेक्शन के लिए कवायद शुरू
- प्राचार्य ने एनएचएम अधिकारियों से किया संपर्क
- तीन अक्तूबर को निदेशक को लिखा जाएगा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में लकवा के मरीजों के लिए इंजेक्शन मंगवाने की कवायद शुरू कर दी गई है। कॉलेज प्रशासन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अधिकारियों से संपर्क किया है। तीन अक्तूबर को कार्यालय खुलते ही एनएचएम निदेशक को पत्र लिखा जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से जिला अस्पताल को लकवा के मरीजों के लिए 50 इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। लकवा होने के चार घंटे के अंदर यह इंजेक्शन लगाने से मरीज ठीक हो जाता है। समय रहते कुछ लकवा मरीजों को जिला अस्पताल में ठीक भी किया गया है। तीन दिन पहले लकवा का शिकार एक मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। इस पर मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों, डॉक्टरों ने जिला अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया और एक इंजेक्शन लगवाकर मरीज को दो घंटे में ठीक कर दिया। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों से संपर्क साधा। हालांकि, प्राचार्य के बात एनएचएम निदेशक से नहीं हो पाई। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि तीन अक्तूबर को ऑफिस खुलने के बाद मिशन निदेशक को पत्र लिखा जाएगा। उनसे लकवा के मरीजों को ठीक करने वाला इंजेक्शन मेडिकल कॉलेज को भी उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में न्यूरो के डॉक्टर के साथ ही जांच के लिए सभी मशीनें उपलब्ध हैं। ऐसे में अगर यह इंजेक्शन अस्पताल को मिल जाता है, तो मरीजों को काफी फायदा होगा।
35 से 50 हजार में होती खरीद
लकवे को ठीक करने का इंजेक्शन 35 से 50 हजार रुपये का आता है। यह इंजेक्शन हर व्यक्ति की खरीदने की हैसियत नहीं होती है। इसलिए सरकार द्वारा दिया गया लकवा ठीक करने का इंजेक्शन आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए जीवनदान जैसा है।