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चार नर्सिंगहोमों ने सरेंडर किए लाइसेंस
- अलग-अलग वजह बताकर सीएमओ को दिया प्रार्थनापत्र
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
मंगलवार को शहर के चार नर्सिंगहोमों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं। किसी ने स्टाफ की कमी, किसी ने नवीनीकरण की तिथि निकल जाने तो किसी ने पारिवारिक वजहों को कारण बताया है।
गौरतलब है कि अमर उजाला अवैध और अमानक नर्सिंगहोमों के खिलाफ अभियान चला रहा है। झांसी विकास प्राधिकरण, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अग्निशमन विभाग की टीमें अस्पतालों का निरीक्षण कर नोटिस जारी कर चुकी हैं। शहर के 11 अस्पतालों के नक्शे निरस्त किए जा चुके हैं। जल्द ही इनको सील कर दिया जाएगा। इसी बीच चार अस्पतालों ने सीएमओ को अपने-अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं। श्री बालाजी पॉली क्लीनिक ने सीएमओ को दिए प्रार्थनापत्र में स्टाफ की कमी होने के कारण नर्सिंगहोम चलाने में असमर्थता जताई है और पंजीकरण निरस्त कर मेडिकल क्लीनिक के रूप में संचालित करने देने की मांग की है। श्री आदिनाथ रिसर्च सेंटर ने बिल्डिंग में निर्माण कार्य चलने का उल्लेख करते हुए नर्सिंगहोमों का कार्य बंद कर देने की बात कही है। संस्थान का कहना है कि ओपीडी चल रही है। निर्माण पूरा होने में एक-दो साल से ज्यादा समय लग सकता है। पुन: नर्सिंगहोम संचालन करने पर अनुमति ली जाएगी। मां भगवती अस्पताल का पंजीकरण बीते 11 जुलाई को हुआ था। अस्पताल की ओर से प्रार्थनापत्र देकर कहा गया है कि परिवार के कुछ सदस्यों की मृत्यु हो जाने के कारण नर्सिंगहोम शुरू नहीं कर सकते हैं। इसलिए पंजीकरण निरस्त कर दिया जाए। इसके अलावा एमजे हॉस्पिटल की ओर से दिए गए प्रार्थनापत्र में भी कहा गया है कि वह अस्पताल का लाइसेंस सरेंडर करना चाहते हैं। उन्होंने लाइसेंस नवीनीकरण की तारीख निकल जाने को वजह बताया है। साथ ही नया लाइसेंस जारी करने की भी मांग की है।