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Jhansi News: स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों में सेहत की जांच से छूट गए 16 हजार बच्चे

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- फोर-डी बीमारियों से ग्रसित बच्चों को चिह्नित कर कराया जाता है इलाज
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सेहत की जांच से जिले के 16 हजार से ज्यादा बच्चे छूट गए हैं। जबकि, इस कार्यक्रम के संचालन का मूल उद्देश्य फोर-डी बीमारियों से ग्रसित बच्चों को चिह्नित कर उनका इलाज कराना है। ऐसे बच्चों को जरूरत पड़ने पर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा संस्थानों में भी भेजा जाता है।
जनपद में वित्तीय वर्ष 2023-24 में शासन की तरफ से 1526 स्कूलों और 2522 आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर आरबीएसके की टीमों को बच्चों की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य दिया था। स्कूलों में 1.57 लाख और आंगनबाड़ी केंद्रों में 1.71 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग की जानी थी। टीमों ने स्कूलों में 150421 और आंगनबाड़ी केंद्रों में 171212 बच्चों की सेहत की जांच की। ऐसे में स्कूलों में 6983 और आंगनबाड़ी केंद्रों में 9853 बच्चे स्क्रीनिंग से छूट गए हैं। वहीं, स्क्रीनिंग के दौरान फोर-डी बीमारियों से ग्रसित 12054 बच्चों को इलाज के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर भी किया गया है।
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वर्जन..
आरबीएसके के तहत मेडिकल टीम आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करती है। भ्रमण के दौरान मौके पर कुछ बच्चे अनुपस्थित होने की स्थिति में परीक्षण से छूट जाते हैं। इनका अगले राउंड में स्वास्थ्य परीक्षण कर लिया जाता है। - आनंद चौबे, मंडलीय परियोजना प्रबंधक, एनएचएम।
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