हंगामे की भेंट चढ़ा नवीन बस अड्डा
झांसी। सदन की बैठक में 12 प्रस्ताव रखे गए, जिसमें से सिर्फ आठ प्रस्तावों पर पार्षदों ने सहमति जताई। इसमें शहर के विकास के लिए अति महत्वपूर्ण बस अड्डे को लेकर पार्षदों ने हंगामा किया और इस मामले में अगली बैठक में निर्णय लेने को कहा।
सदन में नवीन बस अड्डे की स्थापना के लिए नगर निगम की सात एकड़ भूमि को उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग को देने की योजना थी। भूमि सर्किल रेट के आधार पर सात करोड़ आठ लाख उन्यासी हजार सात संतानवे रुपये आंकी गई थी। इतनी बड़ी राशि कोष में जमा करने पर परिवहन अधिकारियों ने असमर्थता जताई जिसपर नगर निगम ने भूमि को लीज पर देने का प्रस्ताव रखा। इस हिसाब से नगर निगम को 14,17,273.20 रुपये हर साल उत्तर प्रदेश परिवहन की तरफ से किराया आंका गया। इस पर सभी पार्षदों ने असहमति जताई और अगली बैठक में उस पर विचार करने को कहा। वहीं, शिवाजी नगर पार्क में एक विश्वविद्यालय को ध्यान योगा केंद्र के लिए स्थान और उसके एवज में वार्षिक किराये को लेकर, नगर निगम की दुकानों पर विचार और सांची दुग्ध भंडार को चौराहों पर पार्लर बनाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।
वहीं, नया गांव में श्मशान घट बनाए जाने, नगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और निगरानी के लिए पृथक स्टाफ, दो वाहन, सहित अन्य उपकरणों के क्रय, इलाइट चौराहे पर मीडियाकर्मियों के बैठने के लिए प्रतीक्षालय की स्थापना, कान्हा उपवन में 23.12 अनुमानित लागत का बायो गैस प्लांट की स्थापना तथा पूर्ण रूप से गृहकर बिल का वितरण न होने पर ब्याज दर में गृहस्वामियों को छूट देने का निर्णय लिया गया। इलाइट से कचहरी मार्ग का निर्माण, 10 लाख से अधिक के निर्माण कार्य पर महापौर की संस्तुति तथा नगर निगम में बैंक द्वारा हॉल खाली करने के बाद उसमें रेस्ट हाउस बनाने पर सहमति प्रदान की गई।
कमीशन को लेकर हंगामा
कमीशन के कारण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता करने पर पार्षद सुरेंद्र साहू ने हंगामा किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बनी सड़क को कुछ ही माह हुए हैं और उखड़ने लगी। इस पर उन्होंने पार्षद के हस्ताक्षर के बिना ठेकेदारों का भुगतान न करने तथा सड़क की टीएसी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि कमीशन के चक्कर में गुणवत्ता से समझौता हो रहा है। 30 प्रतिशत बिलो पर कार्य और 22 प्रतिशत कमीशन बचा 48 प्रतिशत से ही काम हो रहा है। यही कारण है कि कार्यों की गुणवत्ता खराब हो रही है।
बस अड्डे पर आवंटित हॉल की जांच के लिए बनी कमेटी
पार्षद अविनाश यादव ने डीएम को बताया कि मध्य प्रदेश परिवहन को नगर निगम की तरफ से हॉल बनाकर दिया था। वर्ष 2006 में मध्य प्रदेश परिवहन ने परिचालन बंद कर हॉल को खाली करने को कहा था पर आज तक उसका उपयोग हो रहा है। तब से लेकर अब तक हॉल को हैंडओवर न लेने व अब तक हुई किराए वसूली की मांग की। डीएम ने तत्काल जांच कमेटी बनाकर रिपोर्ट देने का आदेश दिया।
सड़कों पर नहीं जलेंगी भट्टियां
तिलक मार्केट में सड़कों पर जलने वाली भट्टियों के मुद्दे पर सदन में निर्णय हुआ कि मार्केट में संचालित होटलों में यदि सड़क पर भट्टी जलती पाई जाए तो उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अन्य स्थानों पर भी इस प्रकार के प्रकरण पकड़े जाने पर सख्त चेतावनी जारी करने को कहा।
बोर्ड न लगने पर भड़के
सदन में सभी पार्षदों ने डेढ़ साल तक वार्डों में उनके नाम का बोर्ड न लगाने तथा महापौर के आवास के पास बोर्ड लगाने पर आक्रोश व्यक्त किया। इस पर इंजीनियर ने बताया कि पूर्व में जो डिजाइन तैयार कराई जा रही थी वह निरस्त कर दी गई और नए बोर्ड को बनवाने का काम दे दिया गया है। 15 दिन के भीतर नए डिजाइन के बोर्ड लगाए जाने का आश्वासन दिया गया।