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पानी भरपूर, वितरण व्यवस् था में छेद

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पानी भरपूर, वितरण व्यवस्था में छेद
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झांसी। बबीना जल शोधन केंद्र से झांसी को भरपूर पानी मिल रहा है। जलनिगम के राजगढ़ पर लगे फ्लो मीटर के हिसाब से प्रतिदिन औसत 92 एमएलडी (नौ करोड़ बीस लाख लीटर) पानी महानगर को दिया जा रहा है। यह पानी वर्तमान ढांचे के हिसाब से हर पाइप लाइन के अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त है, लेकिन जलसंस्थान की वितरण नीति में खामी होने के कारण हर टंकी को बराबर का पानी नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, जलसंस्थान वितरण व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के लिए अपने वाल्वों की जांच करवा रहा है।
माताटीला बांध से 45 एमएलडी (चार करोड़ 50 लाख लीटर) और 110 एमएलडी (11 करोड़ लीटर) क्षमता की दो पाइप लाइनों से बबीना जल शोधन केंद्र पर कच्चा पानी पहुंचता है। इसमें 45 एमएलडी पाइप लाइन से बबीना से झांसी के बीच कई बड़े कनेक्शनों को पानी दिया जाता है। चूंकि, यह पाइप लाइन बहुत पुरानी है, इसलिए इसको पूर्ण क्षमता के साथ चलाना संभव नहीं हो रहा है। साथ ही 110 एमएलडी क्षमता की पाइप लाइन से महानगर की सिविल लाइन, खुशीपुरा, तालपुरा, सागर गेट, खंडेराव गेट, मिशन कंपाउंड, मसीहागंज, खातीबाबा, पुलिया नंबर नौ और प्रेमनगर टंकी को भरा जाता है। इन टंकियों की मदद से ही महानगर में फैली पाइप लाइनों के जरिये घर-घर पानी पहुंचता है। अगर प्रतिदिन 70 एमएलडी पानी मिले तो इन सभी टंकियों से सुबह और शाम डेढ़ से दो घंटे आपूर्ति दी जा सकती है। इन दिनों 70 से 75 एमएलडी पानी मिलने के बाद भी सभी टंकियां वक्त पर नहीं भर पा रही हैं। इससे कई क्षेत्रों में आपूर्ति का समय घट गया है। कई गलियों के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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जल निगम के उपखंड अधिकारी आरके त्रिपाठी राजगढ़ पर लगे फ्लो मीटर के हिसाब से प्रतिदिन झांसी महानगर की तरफ 92 एमएलडी पानी बढ़ रहा है। अगर, हंसारी, एमईएस, मेडिकल कॉलेज, कैंट बोर्ड, ग्रासलैंड को दिए जाने वाले पानी की मात्रा को घटा दिया जाए तो इसके बाद भी 70 एमएलडी से ज्यादा महानगर की टंकियों को दिया जा रहा है, जो प्रतिदिन की जलापूर्ति करने के लिए पर्याप्त है। जलसंस्थान के वाल्व खोलने की व्यवस्था ठीक न होने के कारण टंकियां वक्त पर नहीं भर पा रही हैं।
दूसरी तरफ, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह शहर को सिर्फ साठ एमएलडी (छह करोड़ लीटर) पानी मिलने की बात कह रहे हैं। उनकी मानें तो बबीना से आने वाले पानी को पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थापित सीडब्लूआर (स्वच्छ जलाशय) के पास स्थापित जोनल पंपिंग स्टेशन के माध्यम से ओवर हैड टैंक (पानी की टंकी) को भरा जाता है, तदुपरांत विभिन्न क्षेत्रों में टंकियों के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है। जलापूर्ति हेतु समुचित मात्रा में पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जल निगम की है। महानगर की तेरह टंकियों से कहीं एक तो कहीं दो बार पानी की सप्लाई की जा रही है। वाल्व खोलने की व्यवस्था में कोई गड़बड़ी नहीं है।
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रास्ते में किसे मिलता है पानी
बबीना और झांसी के बीच कैंट बोर्ड बबीना को 12 लाख लीटर, एमईएस को एक करोड़ 36 लाख लीटर पानी, सीएचसी बबीना को चार लाख लीटर एमएलडी, भेल को 20 लाख 70 हजार लीटर, एसडीओ राजघाट को 17 हजार लीटर, रोहित सरफैक्टेंट्स को एक हजार लीटर, पीएसी को 40 लाख लीटर, रामनाथ सिटी को 40 हजार लीटर, मिलिट्री फार्म को 20 लाख लीटर, झांसी विकास प्राधिकरण को ढाई लाख लीटर, कैंट बोर्ड झांसी को 12 लाख लीटर, एमईएस झांसी को 18 लाख लीटर, आईजीएफआरआई को दस लाख लीटर, मेडिकल कालेज को 18 लाख लीटर, कैलिव विहार को 20 लाख लीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
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