मुर्गा-मछली मार्केट में ढहाई दुकानें
झांसी। शनिवार को डड़ियापुरा स्थित मुर्गा- मछली मार्केट में सड़कों पर आकर कारोबार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की गई। अस्थाई दुकानों को जेसीबी के माध्यम से ढहा दिया गया। नगर निगम, एफडीए और पुलिस प्रशासन की तरफ से चलाए गए संयुक्त अभियान को देख कई कारोबारी मौके से भाग गए। अभियान के दौरान पशु चिकित्साधिकारी व एफडीए की तरफ से एक दर्जन चालान काटे गए हैं।
नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आके निरंजन को डड़ियापुरा स्थित मुर्गा-मछली मार्केेट में सड़कों पर खुले में मीट बेचने की लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं, जिस पर कार्रवाई की गई। मौके पर टीम के पहुंचते ही भगदड़ मच गई और सड़क किनारे अतिक्रमण कर अवैध कारोबार संचालन करने वाले ज्यादातर कारोबारी भाग खड़े हुए। बावजूद, एक दर्जन अस्थाई दुकानों का सामान जब्त करने के साथ ही वहां अस्थाई हुए निर्माण को जेसीबी की मदद से ढहा दिया गया। छापे में कई कारोबारी पकडे़ गए जो बगैर लाइसेंस के कारोबार कर रहे थे।
पशु चिकित्साधिकारी ने आठ कारोबारियों के चालान काटे, जिसकी पेनाल्टी कोर्ट में तय होगी। वहीं, एफडीए की तरफ से बगैर लाइसेंस के कारोबार करने वाले तीन कारोबारियों के चालान काटे गए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवींद्र सिंह परमार ने बताया कि बिना लाइसेंस के कारोबार करने वालों पर दो लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इधर अभियान के बाद नगर निगम और एफडीए के अधिकारियों की ओर से सभी को कड़ी चेतावनी दी गई कि यदि किसी प्रकार की कोई समस्या है तो संबंधित विभाग से उसका निराकरण कराएं किंतु नियमों का पालन कर ही मीट/मुर्गा का कारोबार करें। कारोबारी द्वारा सुधार नहीं किया गया और अवैध कारोबार की पुनरावृत्ति पाईी जाती है तो एफडीए के तहत गंभीर धाराओं में भी मुकदमे की संस्तुति की जाएगी। इस मौके पर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह, आजाद कुमार, दीपक कुमार और विजय बहादुर मौजूद रहे।
46 दुकानें है वैध
पूर्व में रिसाला चुंगी के पास स्थित मार्केट को हटाकर नगर निगम की तरफ से डड़ियापुरा में नया बाजार बनाया गया था। वहां 46 दुकानों का आवंटन हुआ था। धीरे-धीरे कारोबारी सड़कों पर आकर कारोबार करने लगे।
सदर बाजार से भी भरे नमूने
एफडीए की टीम ने सदर बाजार में दो होटल सिल्वर स्पून से पनीर और महीमा फूड के यहां से मक्खन का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवींद्र सिंह परमार ने बताया कि आगामी दिनों में कार्रवाई जारी रहेगी।
पूर्व में भी कई बार अवैध कारोबारियों को यहां से खदेड़ा जा चुका है और लगभग 35 मुकदमे दर्ज कराकर अर्थदंड की कार्यवाही भी की गई है। बावजूद, सुधार नहीं आ रहा था। अवैध कारोबारी अब भी नहीं माने तो उनके खिलाफ और कड़ी कर्रवाई होगी। - राजेश द्विवेदी, अभिहित अधिकारी
अतिक्रमण कर अवैध कारोबार करने की लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं। नगर निगम की तरफ से अतिक्रमण कर कारोबार करने वालों का चालान काटा गया है। भविष्य में दोबारा अतिक्रमण कर कारोबार करते पाए जाते हैं तो नगर निगम की तरफ से कार्रवाई होगी। - डॉ. आरके निरंजन, पशु चिकित्साधिकारी