टीबी रोगियों को घर-घर खोजेगी टीम
झांसी। पुनरीक्षित क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जनपद में 10 जून से 22 जून तक सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। वर्ष 2019-20 में अभियान का यह पहला चरण होगा। अभियान को पूरा करने के लिए माइक्रो प्लान तैयार कर लिया गया है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. डीके गर्ग ने बताया कि इस अभियान के लिए जनपद में 115 टीमें बनाई गईं हैं। टीम में स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम 10 दिनों तक घर-घर जाकर संदिग्ध रोगियों की खोज करेंगी। इन सभी टीम के सभी सदस्यों को प्रशिक्षण दे दिया गया है। इस अभियान में टीम द्वारा 500 घरों का भ्रमण करना है जिसमें से यह टीम प्रतिदिन 50 घरों का भ्रमण करेंगी। टीम संदिग्ध क्षय रोगी का बलगम एकत्र कर सरकारी चिकित्सालय जांच के लिए लाएंगी और बीमारी निकलने पर उसका उपचार करेगी।
इस एवज में टीम के प्रत्येक सदस्य को प्रतिदिन 150 रुपये की दर से कुल 1500 रुपये दिए जाएंगे। वहीं क्षय रोगी खोजने पर प्रत्येक रोगी पर 200 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने बताया कि प्रत्येक पांच टीम पर एक सुपरवाइजर लगाया गया है। इस प्रकार जनपद में कुल 23 सुपरवाइजर लगाए गए है। जो टीम के कार्य की जांच करेगा एवं बलगम नमूना जांच के लिए सरकारी चिकित्सालय लाएगा। इसके साथ ही रोज वह शाम के समय टीम के सदस्यों के साथ बैठक करेंगे।
मरीजों को मिलेंगे रुपये
उन्होंने बताया कि निक्षय पोषण योजना के तहत मरीजों को टीबी के निशुल्क जांच व इलाज के साथ इलाज के दौरान पांच सौ रुपये प्रतिमाह भी दिए जाएंगे। ताकि, वह पौष्टिक आहार ले सके। डॉ. गर्ग के अनुसार क्षय रोग या ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) एक गंभीर बीमारी है। इसके बचाव के लिए मरीज को पूरा इलाज कराना चाहिए। यदि बीच में रोगी छोड़ देता है तो यह एमडीआर (मल्टी ड्रग रिजिस्टेंस) टीबी मरीज में परिवर्तित हो जाते है। उनका इलाज करना मुश्किल हो जाता है।