अधिकारी सम्मान न दें तो जूता मारिए: विधायक
ललितपुर। महरौनी में मंगलवार को आयोजित भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता अभिनंदन समारोह में सदर विधायक रामरतन कुशवाहा विवादित बयान देकर पार्टी में ही अलग-थलग पड़ गए हैं। विधायक ने अपने संबोधन में कहा था कि प्रदेश के कर्मचारी महीने, दो महीने में ठीक नहीं होते हैं तो जूता उतारिये और मारिये। सपा व बसपा मानसिकता के अधिकारी और कर्मचारियों ने चुनाव में भी कार्यकर्ताओं को हड़काया और सदस्यता लेने के लिए मजबूर किया। उन्होंने राजस्व और पुलिस के लोगों को चेतावनी भरे लहजे में सतर्क होने के लिए कहा। हालांकि, इससे प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ, क्षेत्रीय संगठन मंत्री व जिला प्रभारी ने किनारा करते हुए उनके बयान पर असहमति जता दी है।
हाल ही लोकसभा चुनाव संपन्न हुए हैं। झांसी- ललितपुर संसदीय सीट से भाजपा के अनुराग शर्मा को प्रचंड जीत मिली है। जीत के बाद पहली बार सांसद के जिले में आगमन पर महरौनी व ललितपुर में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। महरौनी में आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान कुशवाहा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ, सांसद अनुराग शर्मा और वह खुद मिलकर काम करेंगे। प्रदेश के कर्मचारी महीने या दो महीने में ठीक नहीं होते हैं तो अपना जूता उतारिये और मारिये। बर्दाश्त करने की एक सीमा होती है।
उधर, ललितपुर में एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रभारी रामकिशोर साहू ने सदर विधायक रामरतन कुशवाहा के महरौनी में दिए बयान पर अपनी आपत्ति दर्ज करा दी है। साथ ही जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह लोधी से अपनी नाराजगी प्रकट की। सदर विधायक रामरतन कुशवाहा के बयान की आज भी दिन भर चर्चा में रही।
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कुछ अधिकारी और कर्मचारी कार्यकर्ता की सही बात को भी तबज्जो नहीं देते हैं। इस बात को कई बार पार्टी फोरम में उठा चुके हैं। यही बात सांसद अनुराग शर्मा से भी कही है कि वे अधिकारियों से बातचीत कर कार्यकर्ताओं की जायज बात को सुनने के लिए कहें और उन्हें सम्मान दिलवाएं। अन्यथा की स्थिति में वह नौबत न आए कि कार्यकर्ताओं को मजबूर होकर जूता उठाना पड़े।
- रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
पूर्ववर्ती सरकारों में अधिकारियों ने भ्रष्टाचार व मनमानी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है। इससे अधिकारियों में बौखलाहट है और उन्होंने कमजोर व्यक्तियों के साथ बुरा व्यवहार शुरू कर दिया है। ऐसे अधिकारियों को चिह्नित करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की है। सदर विधायक रामरतन कुशवाहा के दिए बयान से वह सहमत नहीं है। इससे अव्यवस्था हो जाएगी। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री मनोहरलाल पंथ ने मौके पर ही उनकी बात का खंडन कर दिया था। वह शीघ्र ही दोनों विधायक एवं संगठन की बैठक करेंगे। इसके उपरांत चिह्नित अधिकारियों की शिकायत उच्च अधिकारी एवं सीएम से की जाएगी।
- रामकिशोर साहू, क्षेत्रीय महामंत्री कानपुर, बुंदेलखंड क्षेत्र व जिला प्रभारी, भाजपा