आज और कल देखें ऐतिहासिक स्टार फोर्ट
झांसी। 1857 की गदर क्रांति का प्रमुख गवाह स्टार फोर्ट मंगलवार और बुधवार को आम लोगों के लिए खोला जाएगा। सदर बाजार के छावनी इलाके में स्थित यह किला साल में दो दिन ही जनता के लिए खोला जाता है। दोपहर 3.30 से शाम 6.30 बजे तक इसे देखा जा सकता है। अंदर जाने के लिए अपना पहचान पत्र जरूर ले जाएं।
चार जून 1857 को स्वराज के लिए 12 इंफेंट्री व 14 कैवलरी ने मिलकर सबसे पहले स्टार फोर्ट में क्रांति की शुरूआत की थी। नौगांव छावनी से झांसी पहुंची 12 बंगाल इंफेंट्री ने 14 कैवलरी के साथ मिलकर स्टार फोर्ट पर कब्जा कर लिया था। स्टार फोर्ट उस काल में अंग्रेजी सरकार का एक महत्वपूर्ण किला था। जमींदारों व राजाओं से वसूला जाने वाला लगान किले के कोषागार में रखा जाता था। लगान न देने पर अंग्रेजी सैनिक जमींदारों व राजाओं को फोर्ट की जेल में कै द कर लेते थे।
पुलिंद कला दीर्घा के अध्यक्ष मुकुंद मेहरोत्रा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष क्रांति की याद में स्टार फोर्ट आम जनता व स्कूली बच्चों को देखने के लिए खोला जाता है। इसके लिए सेना से मंजूरी ली गई। उनके अनुसार तीन व चार जून को स्टार फोर्ट पर 1857 की क्रांति से संबंधित लगभग 30 दुर्लभ चित्रों की प्रदर्शनी लगेगी। इसमें रानी लक्ष्मीबाई के पुराने चित्र और नए चित्र होंगे। चित्रों में रानी साफा पहने विभिन्न मुद्राओं में हैं। इसके साथ ही हिंदुस्तानी सिपाहियों व अंग्रेजी सेना के युद्ध के दुर्लभ दृश्य भी होंगे।
जानिए स्टार फोर्ट
झांसी के राजा रामचंद्र राव ने 1817 में नया नगर बसाने के उद्देश्य से सैकड़ों एकड़ जमीन नगर परकोटे के बाहर अंग्रेजी कंपनी हुकूमत को दी थी, जिसे नवआबाद कहा जाता था। इसमें सीपरी, सिविल लाइंस, रेलवे व छावनी क्षेत्र आते हैं। अंग्रेज कंपनी ने 1820-22 में स्टार फोर्ट का निर्माण कराया, जो तारे के आकार में है। यह निर्माण अंग्रेजों ने खजाना और गोला बारूद सुरक्षित रखने के लिए कराया था। स्टार फोर्ट में 19 कक्ष हैं, जो गोलाई व चौकोर में हैं। इन कक्षों के ऊपर गुंबद भी है, जिनमें बारूद की गैस निकलते रहने के लिए छेद बनाए गए थे।
ऐसे पहुंचें
सदर बाजार से बस स्टैंड वाले मार्ग पर सेना पुलिस लाइन पानी की टंकी के सामने से स्टार फोर्ट तक पहुंचा जा सकता है। स्टार फोर्ट पर जाने के लिए पहचान पत्र लाना आवश्यक है।