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खराब निकले अग्निशमन यंत्र, नहीं ली थी एनओसी

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खराब निकले अग्निशमन यंत्र, नहीं ली थी एनओसी
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झांसी। थाना नवाबाद स्थित सीता होटल के पीछे हरीकृष्णा अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर लगी आग के कारणों की जांच की गई, जिसमें पता चला है कि अपार्टमेंट में लगे आग बुझाने के एक भी उपकरण सही नहीं थे। इसके अलावा एनओेसी लिए बिना ही अपार्टमेंट शुरू कर दिया गया था। दमकल विभाग ने अपार्टमेंट के मालिक को नोटिस देने की तैयारी शुरू कर दी है।
रविवार सुबह हरीकृष्णा अपार्टमेंट के टी-2 मेें अचानक आग लगने से भगदड़ मच गई। वहां रह रहे परिवार के सदस्यों ने बाहर निकलने का प्रयास किया लेकिन तेज धुआं उठने के कारण कामयाब नहीं हो सके थे। छज्जे पर बैठकर लोगों को एकत्रित कर मदद मांगी थी। खबर पाते ही पुलिस के साथ दमकल कर्मचारी भी पहुंच गए थे। कड़ी मशक्कत के बाद सीढ़ी लगाकर दमकल कर्मियों ने तीसरी मंजिल पर पहुंचकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला था। पुलिस व दमकल विभाग ने आग लगने के कारणों की जांच भी की, लेकिन पता नहीं चल सका। सोमवार को दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जहां पता चला कि तीन मंजिला की इमारत में करीब 20 अग्निशमन यंत्र लगे थे, जिसमें सभी खराब होने के कारण एक भी काम नहीं कर रहा था। यह भी पता चला है कि बिना एनओसी लिए ही अपार्टमेंट शुरू कर दिया गया था। विभाग ने मालिक को नोटिस देने की तैयारी शुरू कर दी है।
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अधिकांश बिना एनओसी लिए चल रहे
जिले में कॉलोनियों का अंबार है। दमकल विभाग द्वारा सोेमवार को की गई। जांच में पता चला कि अधिकांश बिना एनओसी के ही कॉलोनियां संचालित हो रही हैं। ऐसे में इनमेें रहने वाले लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। हरीकृष्णा अपार्टमेंट में तो दमकल कर्मियों ने जान पर खेलकर सभी को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन महानगर में कई अपार्टमेंट ऐसे भी हैं, जो पांच से दस मंजिल से अधिक हैं। ऐसे में यहां आग लगी तो जान मुसीबत मेें फंस सकती है। इसको लेकर दमकल विभाग ने मंथन शुरू कर दिया है। जल्द ही ऐसे अपार्टमेंटों की सूची बनाकर नोटिस भेजने की तैयारी है।

इमारत निर्माण में नियमों की अनदेखी
बहुमंजिला इमारतों में नगर परिषद से ली गई अनुमति के अलावा भी कई तरह के निर्माण करवा दिए जाते हैं, जो नियमों विपरीत तो होते ही हैं, ये आग लगने या ऐसे ही किसी हादसे में बचाव में भी बाधा बन जाते हैं, लेकिन जिम्मेदार इनसे बेखबर हैं। शिकायत पर कार्रवाई करने पहुंच जाते हैं, लेकिन नियमित जांच करने जैसा कोई काम कभी नहीं दिखता है।

सूरत की घटना के बाद सतर्कता
सूरत के एक कांप्लेक्स में आग लगने से 20 बच्चों सहित शिक्षक की मौत के बाद कोचिंग क्लासेस, मुख्य बाजारों के साथ इमारतों में भी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। हकीकत ये है कि शहर बाजार में आग लग जाए तो बुझाने के पहले ही इंतजामों का दम फूल जाएगा। बाजारों से लेकर कहीं भी आग बुझाने के इंतजाम नहीं हैं।
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जिन अपार्टमेंट व इमारतों में एनओसी नहीं ली गई है, उनकी सूची तैयार कर शिकंजा कसने की तैयारी है। टीम गठित कर दी गई है। ऐसे सभी स्थानों पर जाकर अग्निशमन यंत्रों की जांच के साथ ही मानकों को खंगाला जाएगा। कमियां पाए जाने पर कार्रवाई होगी। - केके ओझा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।
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