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एनसीसी प्रमाण देने के नाम पर हजारों अभ्यर्थियों से ठगी

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ग्रुप फोटो एवं वर्जन वाले युवको की दो पासपोर्ट फोटो सहित
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बबीना। कस्बे में कुछ जालसाजों ने एनसीसी का सी प्रमाण पत्र देने के एवज में दौड़ के लिए हजारों अभ्यर्थियों से आवेदन भरवाकर रुपये वसूले। रविवार को दौड़ के लिए पहुंचे युवक-युवतियों को शक होने पर उन्होंने कैंप संचालकों से पूछताछ की तो फर्जीवाड़ा सामने आया। तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर एक ठग को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चार अन्य युवकों को पकड़कर उसने पूछताछ कर रही है।
नरेश यादव ने थाने में दी तहरीर में बताया कि गत दिनों जालसाजों ने इंटरनेट साइड पर एनसीसी का सी प्रमाण पत्र देने के लिए आवेदन भरवाए थे। प्रमाणपत्र के लिए रविवार को दौड़ लगाने की तारीक बताई गई थी। जिस पर कई जिलों से हजारों की संख्या में रविवार की सुबह सेना के ग्राउंड पर अभ्यर्थी दौड़ने के लिए पहुंचे गए। जहां 50 रुपये फॉर्म फीस के अलावा अनेक युवाओं से दौड़ पास कराने के नाम पर हजारों रुपये वसूले गए। इस पर कन्नौज निवासी कन्हैया व मथुरा निवासी रंजन सिंह सहित कुछ अभ्यर्थियों को शक होने पर उन्होंने कथित एनसीसी की ड्रेस पहने हुए फर्जी टीम के एक युवक से पूछताछ की। युवकों की बात का जवाब नहीं दे पाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया। जिस पर दौड़ में हिस्सा लेने आए अभ्यर्थियों ने जालसाज टीम के सदस्य की पिटाई शुरू कर दी। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने ठग सतेंद्र यादव उर्फसचेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही उसकी निशानदेही पर देर शाम तक अन्य चार युवकों को भी पुलिस ने पकड़ लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
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सेना व प्रशासन को नहीं थी इसकी खबर
रविवार को सुबह 4 बजे से हजारों की संख्या में अभ्यर्थी सेना के ग्राउंड में दौड़ने को पहुंच गए, लेकिन आर्मी के अफसर एवं बबीना पुलिस को इसकी कोई सूचना नहीं लग सकी। फर्जी टीम के द्वारा इस दौड़ का खुलासा होने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची तब तक युवक उनकी जमकर पिटाई कर चुके थे। जहां सैन्य क्षेत्र में कोई भी अनजान व्यक्ति बिना इजाजत के नहीं हो सकता। वहीं, जालसाजों की टीम वहां युवकों के इंतजार में पहले से धाक जमाए बैठी थी।
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सोशल मीडिया पर फैलाई थी सूचना
दौड़ में शामिल होने आए युवकों ने बताया कि उनके पास एनसीसी प्रमाण पत्र के लिए दौड़ परीक्षा विज्ञापन सोशल मीडिया पर उन्हें प्राप्त हुआ था। जिस पर लिखे नंबर से संपर्क के द्वारा उन्हें दौड़ एवं एनसीसी के प्रमाण पत्र प्राप्त करने की गतिविधियां बताई गई। एनसीसी ट्रेनिंग का सी प्रमाण पत्र एवं ट्रेनिंग निशुल्क पाने के लालच में हजारों युवको ने आंख बंद कर इस फर्जी टीम पर विश्वास कर लिया एवं कई युवकों ने तो 2000 से 5000 रुपये तक दौड़ पास कराने के नाम पर दे दिए।
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