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बही खातों में सामंजस्य होना है जरूरी

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बही खातों में सामंजस्य होना है जरूरी
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झांसी। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (झांसी शाखा) के तत्वावधान में वस्तु एवं सेवा कर की वार्षिक विवरणी व ऑडिट पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ।
एक होटल में झांसी शाखा के अध्यक्ष शिवा लिखधारी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में आगरा से आए सीए बृजेश वर्मा ने जीएसटी ऑडिट की बारीकियों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यदि करदाता कर योग्य या करमुक्त दोनों प्रकार की बिक्री करता है तो उसको नियम 42 और 43 के तहत इनपुट टैक्स को रिवर्स करना होगा। जीएसटी की सभी रिटर्नस का बही खातों में सामंजस्य होना जरूरी है। इंदौर से आए सीए कीर्ति जोशी ने जीएसटी 9सी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सभी पंजीकरण को मिलाकर यदि वार्षिक टर्नओवर दो करोड़ से ज्यादा है तो प्रत्येक जीएसटी पंजीकरण पर ऑडिट रिपोर्ट फाइनल करनी होगी। ऑडिट नहीं कराने पर करदाता को दो लाख तक की पैनाल्टी देनी होगी।
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कार्यक्रम में केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद के उपाध्यक्ष सीए चर्चिल जैन विशिष्ट अतिथि रहे। इस मौके पर राजीव अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, मुहाफिज खान, जयप्रकाश गुप्ता, रीमा नारवानी, दीपक जैन, प्रकाश हीरवानी, मयंक अग्रवाल आदि मौजूद रहे। संचालन अनुराग अग्रवाल व आभार अंचित अग्रवाल ने जताया।
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