फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परकोटे की क्षतिग्रस्त दीवार का लौटेगा स्वरूप

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला इंपेक्ट का लोगो लगाएं
विज्ञापन

------------------------------

जस का तस बनेगा परकोटा
- महापौर बोले, पुराना स्वरूप दिलाया जाएगा
-

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शहर क्षेत्र में प्राचीन दरवाजे भांडेरी गेट के पास नाले की निकासी के लिए तोड़ गए परकोटे को नगर निगम दोबारा बनवाएगा। उसे पुराने स्वरूप में लौटाया जाएगा। महापौर रामतीर्ष सिंघल ने कहा कि अंतर इतना होगा कि नाले की ऊंचाई तक का हिस्सा छोड़ दिया जाएगा, ताकि पानी का बहाव ठीक रहे। बाकी के हिस्से को जस का तस बनाया जाएगा।
अमर उजाला ने 28 मई के अंक में प्रथम पृष्ठ पर ‘अंग्रेज नहीं कर सके, नगर निगम ने ढहा दिया झांसी का परकोटा!’ खबर को प्रकाशित किया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम शिवसहाय अवस्थी ने जांच कराने के आदेश दिए थे। सिटी मजिस्ट्रेट को इसकी जिम्मेदारी सौंपी थी। सिटी मजिस्ट्रेट रामप्रकाश ने पुरातत्व विभाग, नगर निगम और राजस्व विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। विभागों ने अपने-अपने स्तर पर जांच कर रिपोर्ट तैयार कर ली है।
विज्ञापन

उधर, महापौर रामतीर्थ सिंघल का कहना है कि नाले के बहाव के लिए परकोटे के एक हिस्से को ढहाया गया था तथा उसे उसी स्वरूप में लौटाने की योजना थी। परकोटे को ढहाने का निर्णय इसलिए लिया गया था क्योंकि इसे अलावा कोई विकल्प इंजीनियरों को नजर नहीं आ रहा था। अब उसे पुराने स्वरूप में लौटाया जाएगा।
विज्ञापन


परकोटे को बचाने के लिए कमेटी
पुरातत्व विभाग के पुरातत्व अधिकारी डॉ. एसके दुबे ने परकोटे को सहजने के लिए एक कमेटी बनाए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि जब तक परकोटे को संरक्षित करने की कोई योजना नहीं बनती। तब तक एक कमेटी बनाई जाए जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, वन विभाग, नगर निगम, पुरातत्व विभाग के अधिकारी शामिल किए जाएं। क्योंकि, परकोटे को सबसे ज्यादा क्षति उसके बगल से उगने वाले पेड़ हैं। अगर, उस पर सभी की सहमति मिल जाए तो वन विभाग की मदद से उन्हें काट कर परकोटे को गिरने से बचाया जा सकता है।

--------------------------

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें