उच्चाधिकारियों के निर्देेश पर पूर्व सहायक अध्यापक छत्रपाल सिंह की अनुकंपा नियुक्ति की जांच में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं सामने आने पर खंड शिक्षाधिकारी भरत कुमार वर्मा ने उक्त प्रक्रिया को शून्य घोषित की है। उन्होंने दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों पर गंभीर प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति की है।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को भेजी अपनी जांच आख्या में भरत कुमार ने अवगत कराया कि सहायक अध्यापक छत्रपाल की मृत्यु के बाद राजकुमारी को उनके स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। जिन्होंने अपनी नियुक्ति में कक्षा आठ की टीसी एवं अंक पत्र पूर्व माध्यमिक वि0 मसौरा विकास खंड जखौरा का संलग्न किया है। जबकि विकास खंड जखौरा अंतर्गत संचालित विद्यालयों में ऐसा कोई संस्थान नहीं है।
राजकुमारी की जन्म तिथि 1 जनवरी 1986 है और कक्षा 6 उत्तीर्ण का वर्ष 2000 है। इसके अलावा राजकुुमारी के पिता मल्थू रेलवे में नौकरी करते थे। और मात्र 14 वर्ष की उम्र में अपनी पुत्री की शादी की और उसी वर्ष राजकुमारी के यहां पहली संतान का जन्म होना किसी भी दशा में व्यवहारिक नजर नहीं आता है। इसके अलावा नियुक्ति के संबंध में वित्तीय स्वीकृति नहीं ली गई और पूर्व जिला बेसिक शिक्षाधिकारी मायाराम के निलंबन के एक दिन पूर्व उक्त नियुक्ति को दिया जाना संदिग्धता प्रकट करता है।