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एंबुलेंस के इंतजार में कई घंटे तड़पती रही प्रसूता

तालबेहट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त अनियमितताएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। आए दिन यहां आने वाली प्रसूताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को सांसद आदर्श ग्राम पवा से आई एक प्रसूता को जिला मुख्यालय तक जाने के लिए तीन घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं मिल सकी। बाद में सीएमओ और एसडीएम की जानकारी के हस्तक्षेप के बाद उसे गंभीर हालत में जिला मुख्यालय भेजा गया।
चिकित्सा अधीक्षक के मुख्यालय पर निवास न करने के कारण सीएचसी पर कार्यरत कर्मचारियों पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं है। कर्मचारी अपनी मर्जी के मालिक है। ड्यूटी के दौरान आए दिन कर्मचारी सीएचसी और मैटरनिटी विंग से नदारत रहते हैं। सोमवार को ग्राम पवा निवासी रहीश पाल की पत्नी संतोषी उम्र 21 वर्ष को पहली बार प्रसव होने पर सीएचसी में आशा के माध्यम से भर्ती कराने लाया गया। पति का आरोप है कि मंगलवार को उससे आशा ने दो हजार रुपये देने की मांग की परंतु जब उसने पैसा देने में असमर्थता जताई तो उसे आननफानन में जिला मुख्यालय के लिए रेफर कर दिया गया। इसके बाद वह प्रसव पीड़ा से तीन घंटे सीएचसी के मुख्य दरवाजे पर तड़पती रही। परंतु उसकी ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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सायंकाल जब मीडिया कर्मियों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह और एसडीएम आजाद भगत सिंह को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद उसे एंबुलेंस की मदद से जिला मुख्यालय भेजा जा सका। इस संबंध में जब उपजिलाधिकारी आजाद भगत सिंह से उनका पक्ष लिया तो उनका कहना था कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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