साहब, अध्यापक है नहीं पढेे़ंगे कैसे
आश्रम पद्धति विद्यालय के छात्रों ने किया तहसील में जोरदार प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
तालबेहट। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय तरगुवा के छात्रों ने मंगलवार को सुबह विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर मोर्चा खोल दिया। सैकड़ों छात्र अपनी मांग को लेकर एक बार फिर विद्यालय के नियमों को तोड़ते हुए तहसील में आए। यहां छात्रों ने जमकर प्रदर्शन न किया और अपनी व्यथा तहसीलदार अभिषेक कुमार सिंह को सुनाते हुए एक शिकायती पत्र भी दिया।
मंगलवार को सुबह नौ बजे के लगभग राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय तरगुवा के छात्र विद्यालय से नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर में में आ गए। सुबह-सुबह तहसील में भारी संख्या में छात्रों को देखकर वहां मौजूद कर्मचारी और देखने वाले लोग भौचक्के रह गए। छात्रों के तहसील परिसर में आने की सूचना पर एसडीएम आजाद भगत सिंह ने तत्काल तहसीलदार अभिषेक कुमार सिंह को मौके पर भेज कर छात्रों की समस्या सुनने के निर्देश दिए। मौके पर आए तहसीलदार को छात्रों ने बताया कि अगस्त माह शुरू होने के बावजूद आज तक उनके विद्यालय में कई शिक्षक नहीं है। अभी तक ड्रेसों और पुस्तकों का वितरण नहीं हुआ है। पढ़ाई पूरी तरह से ठप है। इससे उन्हें अपना भविष्य अंधकार मय नजर आ रहा है। जिस पर तहसीलदार ने छात्रों से गुटबाजी से दूर रहते हुए विद्यालय जाने की बात कहते हुए विद्यालय पहुंच कर उनकी बात सुनने का आश्वासन दिया। बाद में तहसीलदार विद्यालय गए। वहां उन्होंने छात्रों की प्रत्येक समस्या को ध्यान से सुना और इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छात्रों की समस्या गंभीर है।
मामला मेरा संज्ञान में नहीं है: डीएम मानवेंद्र सिंह
तालबेहट। इस संबंध में जब जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह से उनका पक्ष लिया तो उनका कहना था कि यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है। संविदा शिक्षकों भर्ती के संबंध में जानकारी करने पर उन्होंने बताया कि मैं इस मामले को अभी संज्ञान में लेकर दिखवाता हूू्ू।
आज मैं स्वयं जाउंगा: एसडीएम
तालबेहट। इस संबंध में एसडीएम आजाद भगत सिंह का कहना है कि छात्रों की समस्या गंभीर नजर आ रही है। वह स्वयं बुधवार को विद्यालय जाकर पूरे मामले को देखेंगे। इसके बाद ही इस संबंध में कुछ कह सकते हैं।