बबीना छावनी परिषद पर सपा का परचम
इस कार्यकाल के तीसरे उपाध्यक्ष बने अनिल वाल्मीकि
भाजपा और सपा पार्षदों में हुआ है छह-छह माह का समझौता
अमर उजाला ब्यूरो
बबीना। छावनी परिषद के उपाध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी के पार्षद अनिल वाल्मीकि निर्विरोध निर्वाचित हुए। छावनी परिषद के इस कार्यकाल के वह तीसरे उपाध्यक्ष हैं। यहां भाजपा और सपा के पार्षदों में छह-छह माह इस पर पर रहने का समझौता हुआ है।
साढ़े तीन साल पहले छावनी परिषद के चुनाव के बाद सर्वसम्मति से सपा पार्षद सुशीला देवी राय को उपाध्यक्ष चुना गया था। तीन साल बाद भाजपा व सपा पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर सुशीला देवी राय को हटाकर भाजपा के राजकुमार भदौरिया को इस पद पर बैठाया था। अविश्वास लाने वाले पार्षद राजकुमार के अलावा ललिता देवी, सरोज जैन, ईश्वर सिंह एवं अनिल वाल्मीकि में छह-छह माह के लिए उपाध्यक्ष बनने का समझौता हुआ था। राजकुमार भदौरिया के छह माह पूरे होने के बाद समाजवादी पार्टी के अनिल वाल्मीकि को उपाध्यक्ष बनाया गया। बृहस्पतिवार को हुई छावनी परिषद की बोर्ड बैठक में स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर टीएस स्वोइन एवं मुख्य अधिशासी अधिकारी अभिषेक आजाद के समक्ष शपथ ग्रहण कराई गई।
अनिल वाल्मीकि दूसरे बार वार्ड सात से पार्षद पद पर जीते हैं। इनकी पत्नी राखी वाल्मीकि समाजवादी पार्टी से जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं।
जुलूस भाजपा पर भारी, पर सपाई नदारद
उपाध्यक्ष बनने के बाद अनिल वाल्मीकि ने अपने समर्थकों के साथ विजयी जुलूस निकाला। छह महीने पहले भाजपा के राजकुमार भदौरिया के जुलूस पर यह भारी पड़ा। उस समय जुलूस विधायक राजीव सिंह के नेतृत्व में निकला था, लेकिन इसमें महज बीस-पच्चीस लोग ही थे। बृहस्पतिवार को निकले अनिल के जुलूस में करीब डेढ़ सौ लोग थे, लेकिन इसमें समाजवादी पार्टी का कोई बड़ा पदाधिकारी नजर नहीं आया।