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वनी परिषद के उपाध्यक्ष पद स भाजपा प्रत्याशी ने दिया इस्तीफा-City

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बबीना छावनी परिषद के उपाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
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छह महीने पहले सपा प्रत्याशी को हराकर जीते थे भाजपा के राजकुमार
बोले, भाजपा नगर मंडल कार्यकारिणी के कहने पर दिया इस्तीफा
अमर उजाला ब्यूरो
बबीना। छावनी परिषद के उपाध्यक्ष राजकुमार भदौरिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह छह महीने पहले सपा नेता सुशीला देवी को हराकर इस पद पर आसीन हुए थे। उनका कहना है कि भाजपा नगर मंडल कार्यकारिणी के कहने पर उन्होंने पद छोड़ा है।
बबीना छावनी परिषद के उपाध्यक्ष का पद छह महीने पहले समाजवादी पार्टी की सुशीला देवी राय के पास था। उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर भाजपा के राजकुमार सिंह भदौरिया को इस पद पर बैठाया गया था। उस वक्त तय हुआ था कि शेष बचे दो साल के कार्यकाल में चार पार्षद छह-छह महीने के लिए उपाध्यक्ष रहेंगे। राजकुमार भदौरिया के छह महीने पूरे होने पर भाजपा नगर मंडल कार्यकारिणी ने उन्हें अपने पद से इस्तीफा देने को कहा। इस पर उन्होंने अपना पद छोड़ दिया। अब नए उपाध्यक्ष के चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई है। बताया गया है कि मंगलवार को छावनी परिषद कार्यालय में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाएगा।
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... तो क्या सपाई को सत्ता देंगे भाजपाई
सूत्रों की माने तो छह महीने पहले जब पांच पार्षदों सरोज जैन, ललिता देवी, ईश्वर सिंह, राजकुमार भदौरिया एवं अनिल बाल्मीकि द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, तब तय हुआ था कि शेष बचे दो साल के कार्यकाल में सभी पार्षद छह-छह महीने के लिए उपाध्यक्ष बनेंगे। सात सदस्यीय छावनी परिषद के इन पांच पार्षदों में दो भाजपा के और दो सपा के हैं। निर्दलीय ललिता देवी ने खुद की व्यस्तता का हवाला देकर उपाध्यक्ष की दौड़ में न रहने की बात कही थी। ऐसे में तय हुआ था कि भाजपा और सपा के सदस्य एक-एक करके उपाध्यक्ष बनेंगे। राजकुमार भदौरिया भाजपा के हैं, ऐसे में अब सपा के सदस्य का नंबर है। यानी भाजपाई अपने सदस्य को हटाकर सपा नेता को उपाध्यक्ष बनाएंगे। इस पर भाजपा जिला महामंत्री विनोद नायक ने बताया कि अगर किसी कारण से भाजपा प्रत्याशी ने इस्तीफा दिया है तो उनके स्थान पर भाजपा के निशान से चुनाव लड़ने वाले पार्षद को ही उपाध्यक्ष बनवाया जाएगा। लेकिन, अगर ऐसा होता है तो समझौता टूट जाएगा।
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