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मप्र के बढ़े दामों से गेहूं की आवक हुई कम

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मध्य प्रदेश में दाम बढ़ने से कम हुई गेहूं की आवक
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झांसी। मध्य प्रदेश के बाजारों में गेहूं के दाम बढ़ने से जिले के क्रय केंद्रों पर आवक लगातार कम होती जा रही है। ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष खरीद चुनौती बनती जा रही है।
जिले में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू हुई थी, जो 15 जून तक की जानी है। शासन की ओर से 2.98 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य के सापेक्ष 52 फीसदी खरीद करते हुए 1.52 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। जिले में 97 केंद्रों पर गेहूं खरीदा जा रहा है। शुरुआती तेजी के बाद अब खरीद के आंकड़े की रफ्तार धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। खासतौर पर मध्य प्रदेश से सटे इलाकों के केंद्रों पर सन्नाटा हावी होने लगा है। इसकी वजह मध्य प्रदेश के बाजारों में गेहूं के दाम बढ़ना बताया जा रहा है। जानकारों का कहना है यहां के तमाम किसान अपनी उपज मध्य प्रदेश ले जा रहे हैं। वहां उन्हें उन्नीस सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। जबकि, यहां 1840 प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। साथ ही हाथों हाथ कीमत भी अदा कर दी जा रही है। जबकि, क्रय केंद्रों पर बेचे जाने वाले गेहूं का 72 घंटे में भुगतान करने की व्यवस्था है। यह राशि किसान के खाते में भेजी जाती है, लेकिन इसमें भी अक्सर देरी हो जाती है।
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पीसीएफ के जिला प्रबंधक वीके सिंह ने बताया कुछ केंद्रों पर गेहूं की आवक में कमी आई है। हालांकि, खरीद का लक्ष्य पूरा करने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
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गरौठा, गुरसराय में खोला जाए केंद्र
झांसी। चना, मसूर और सरसों की खरीद के लिए पीसीएफ मंडी स्थल दिगारा में क्रय केंद्र खोलने जा रहा है। जिले में एक केंद्र ही खोले जाने की योजना है। इस पर गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने असंतोष जताते हुए गरौठा और गुरसराय में केंद्र खोले जाने की मांग की है। उन्होंने ये मांग प्रमुख सचिव सहकारिता के समक्ष रखी है। साथ ही उन्होंने खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की भी मांग की है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में दो हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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