ट्रेनों में चढ़ रहा अनाधिकृत कंपनी का पानी
झांसी। रेलवे स्टेशन से ट्रेनों में अनाधिकृत कंपनी का पानी चढ़ाया जा रहा है। इस बात की भनक रेल प्रशासन तक को नहीं है। इससे यात्रियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है।
रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में रेल नीर के अलावा छह अन्य कंपनियों की पानी की बोतल बेचने की अनुमति दे रखी है। मगर, झांसी से अनाधिकृत कंपनी का पानी ट्रेनों में चढ़ाया जा रहा है। शनिवार को प्लेटफार्म चार पर आई तिरुपति निजामुद्दीन संपर्क क्रांति के पेंट्रीकार में अनाधिकृत कंपनी का पानी चढ़ाया गया। ठेले पर पानी लेकर पहुंचे व्यक्तियों के पास कोई परिचय पत्र भी नहीं था। पूछताछ करने पर कोई जवाब नहीं दे सके। दरअसल, आरक्षण कार्यालय के पास लगे गेट से प्रतिदिन अनाधिकृत पानी की बोतलें ट्रेनों में चढ़ाई जाती हैं, लेकिन इस पर कोई गौर नहीं कर रहा है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि स्टेशन पर रेल नीर व ऑक्सीमोर कंपनी का ही पानी बेचा जा सकता है। ट्रेनों में अगर अनाधिकृत कंपनी पानी चढ़ाया जा रहा है तो उसकी जांच कराके कार्रवाई होगी। साथ ही आरक्षण कार्यालय के बगल के गेट से कोई अनाधिकृत रूप से सामान न ले जा सके, इसके लिए सीटीआई स्टेशन को चाबी दी गई है। सीटीआई स्टेशन कार्यालय में रखे रजिस्टर में संबंधित व्यक्ति का नाम व काम लिखने के बाद ही चाबी दी जा रही है।
ठंडे पानी को लेकर हो रही नोंकझोंक
झांसी। रेलवे स्टेशन पर पानी की मांग अधिक होने के कारण यात्रियों को शीतल जल (ठंडा पानी) नहीं मिल पा रहा है। यात्रियों की ठंडे पानी को लेकर वाटर वेंडिंग मशीन पर बैठने वाले कर्मचारियों से नोंकझोंक हो रही है।
रेलवे स्टेशन के अलग-अलग प्लेटफार्म पर छह वाटर वेंडिंग मशीनें लगी हैं। इन मशीनों पर यात्रियों को कम दामों में ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। एक वाटर वेंडिंग मशीन एक घंटे सुचारु रूप से बिजली मिलने पर 130 लीटर पानी को ठंडा कर देती है। मगर, भीषण गर्मी में पानी की मांग बढ़ गई है। इससे मशीन में ठंडा पानी नहीं हो पा रहा है। बोतल में सादा पानी आने के बाद यात्री रुपये देने को तैयार नहीं होते। इससे कर्मचारी और यात्री के बीच नोंकझोंक हो रही है। यही हाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर सात वाटर कूलर, प्लेटफार्म दो-तीन पर तीन, प्लेटफार्म चार-पांच पर दो और प्लेटफार्म छह पर लगे एक वाटर कूलर (वाटर बूथ) का है।