श्रेणी - कोर्ट
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मौसा को आजीवन कारावास
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या तीन पीएन राय की अदालत ने छह वर्षीय मासूम की हत्या का दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम यादव ने बताया कि ग्राम डुमरई निवासी कन्हैया लाल पुत्र कल्लू अहिरवार ने थाना ककरबई में तहरीर देते हुये बताया था कि 18 मई 2015 को रात करीब 09:30 बजे अपने दरवाजे पर चारपाई पर छह वर्षीय बेटे राजेन्द्र उर्फ बुद्दे व साढ़ू मूरत पुत्र चीदे के साथ लेता था। रात अधिक होने पर उसने मूरत से घर जाने को कहा तो वह नहीं गया। परिवार में शादी होने के कारण कन्हैया लाल खाना खाने चला गया। रात्रि करीब 11:30 बजे वापस लौटा तो उसका पुत्र राजेंद्र व मूरत दोनों चारपाई पर नहीं मिले। घर का दरवाजा खुलवाकर होने पर माँ ने बताया कि राजेन्द्र दादा के पास सो रहा होगा, क्योंकि वह अपने दादा के साथ ही सोता था। इस पर संतुष्ट होकर सभी सो गये।
प्रात: करीब 05 बजे जब कन्हैया ने पिता से पूछा तो उन्होने बताया कि राजेन्द्र उनके पास नहीं सोया था। इसके बाद तलाश करने पर राजेन्द्र का शव गांव के ही कृपाल सिंह के प्लॉट पर गड्ढे में पड़ा मिला। जिसके सिर पर कटे का निशान था। कन्हैया लाल ने मूरत पुत्र चिंदे, शिवलाल, मुरली पुत्रगण हल्कू, सिब्बू, पप्पू पुत्रगण गोकुल आदि पर बेटे राजेंद्र की हत्या का आरोप लगाते हुये रिपोर्ट दर्ज किये जाने की मांग की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपरांत अभियुक्त मूरत के विरूद्ध धारा 302 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। जहां गवाह के पक्षद्रोही होने के बाद भी प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त मूरत अहिरवार को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।