गुरु तेगबहादुर ने की थी तिलक-जनेऊ की रक्षा
सब हेड: शहीदी दिवस पर बलिदान को किया श्रद्धालुओं ने किया याद
क्रासर - सीपरी गुरुद्वारा में गुरुवाणी कीर्तन सुना और टेका गुरु दरबार में मत्था
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा सीपरी में रविवार को गुरुवाणी कीर्तन हुआ। श्रद्धालुओं ने गुरु दरबार में मत्था टेका और देश में खुशहाली की कामना की। अमृतसर के भाई चरणजीत सिंह ने गुरुवाणी कीर्तन किया। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी महेंद्र सिंह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने तिलक व जनेऊ की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया।
चार दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम के समापन दिवस रविवार को भाई चरणजीत सिंह व स्थानीय जत्थे ने गुरुवाणी, शबद कीर्तन किया। इसके बाद मुख्य ग्रंथी ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुगल शासक द्वारा क श्मीरी पंडितों का सताया जा रहा था। ऐसे में कश्मीरी पंडितों और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए श्री गुरु तेग बहादुर जी ने अपनी शहादत दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन से प्रेरणा ले। अरदास के बाद गुुरु का लंगर हुआ, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने लंगर छका। इस अवसर पर रछपाल सिंह, त्रिलोचन सिंह, दिलबाग सिंह, जसबीर सिंह, गुरु विंदर सिंह सब्बरवाल, सतप्रीत सिंह खेड़ा, आई पी सिंह मल्होत्रा आदि मौजूद रहे।