बिजली चोरी करना पड़ रहा महंगा
बिना कनेक्शन मोटर चलाने पर वसूला जा रहा 63 हजार रुपये जुर्माना
अब अधिकारियों के पास मिन्नतें मांगते घूम रहे हैं लोग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
खेतों में चोरी की बिजली से सिंचाई के लिए मोटर लचाना महंगा साबित हो रहा है। संबंधित किसान को 63 हजार रुपये जुर्माना जमा करने के नोटिस भेजे जा रहे हैं। अब किसान अधिकारियों के पास जुर्माना माफ कराने के लिए मिन्नतें मांगते घूम रहे हैं।
बड़ागांव क्षेत्र के टाकोरी गांव में रहने वाला रामगोपाल डेढ़ एकड़ जमीन का काश्तकार है। अगस्त में बारिश न होने के कारण दूसरे के कुएं पर मोटर लगाकर किसी तरह अपनी खेत में पानी दे रहा था। उसने मोटर चलाने के लिए अस्थायी कनेक्शन नहीं ले रखा था। गांव के किसी व्यक्ति ने उसकी शिकायत कर दी। शिकायत पर पहुंची विजिलेंस टीम ने चोरी की बिजली से मोटर चलती पकड़ ली। इस पर रामगोपाल से चार हजार रुपये मौके पर जमा करा लिए गए। बाद में उसे 15 दिन में 63 हजार रुपये जुर्माना (कर निर्धारण) भरने का नोटिस भेज दिया गया। अब रामगोपाल अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। दरअसल, विद्युत नियामक आयोग ने चोरी पकड़ने पर दोगुना जुर्माना जमा करने का प्रावधान कर दिया है। ऐसे में चोरी से बिजली का उपयोग करने वालों के लिए कनेक्शन लेना ही बेहतर विकल्प रह गया है।
अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) दिनेश यादवेंदु ने बताया कि नियम के तहत ही जुर्माना भरने का नोटिस भेजा जा रहा है। अगर, चोरी पकड़ी गई है तो जुर्माना जमा करना ही होगा।
अब तक दो सौ किसानों ने ही लिए कनेक्शन
किसानों को सिंचाई के लिए अस्थायी कनेक्शन (फसली संयोजन) लेना अब महंगा साबित हो रहा है। यही कारण है कि अब तक जनपद के मात्र दो सौ किसानों ने ही अस्थायी कनेक्शन लिए हैं। विद्युत विभाग फसली सिंचाई के लिए किसानों को सिंगल फेस पर दो किलोवाट व तीन किलोवाट का अस्थायी विद्युत कनेक्शन (तीन माह के लिए) प्रदान करता है। विभाग ने इस साल से अस्थायी कनेक्शन शुल्क बढ़ा दिया है। एक किलोवाट का 9500 रुपये, दो किलोवाट का 14,000 रुपये और तीन किलोवाट का 18000 रुपये कर दिया गया है। इस कारण गरीब व मध्यम वर्गीय किसान संयोजन लेने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। पिछले साल इस समय तक जनपद के सात सौ गांवों के चार सौ से अधिक किसान संयोजन ले चुके थे, जबकि इस बार यह संख्या सिर्फ दो सौ तक ही पहुंच सकी है।