हरे-भरे बिरहन की छांव...
सब हेड: होटल वीरांगना में हुआ लोक संगीत कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रविवार को होटल वीरांगना में बुंदेली लोक संगीत कार्यक्रम हुआ। इसमें मऊरानीपुर की प्रदीप कुमार एंड पार्टी के कलाकारों ने लांगुरिया, राई नृत्य, श्रृंगार गीत और भजन गाए। बुंदेलखंड की महिमा लोकगीत हरे-भरे बिरहन की छांव, लगत अनोखों अपनों गांव पर लोग वाह-वाह कर उठे।
ढोलक की थाप, हरमोनियम के स्वरों पर कलाकारों ने बुंदेलखंड की लोकप्रिय देवी मैहर की शारदा माई की वंदना में ‘गऊआ के गोबर मंगाऊ सो आसन डारो माई मौरे अंगना’ को सुनाकर लोगों को भक्ति में विभोर कर दिया। वहीं कार्यक्रम से पहले क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डा. कल्याण सिंह ने दीप प्रज्वलित किया और कहा कि बुंदेलखंड में सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं है। होटल वीरांगना के प्रबंधक मुकुल गुप्ता ने बताया कि लोक कलाकारों को प्रोत्साहित देने और पर्यटकों को लोक संस्कृति से परिचय कराने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा सांझी विरासत-गांव की ओर के अंतर्गत सितंबर 2017 से मार्च 2017 तक मासिक कार्यक्रम यह होटल वीरांगना में अब 29 अक्टूबर, 26 नवंबर, 24 दिसंबर, 28 जनवरी, 25 फरवरी व 25 मार्च को होंगे। इस अवसर पर एसके दुबे, विजय वार्ष्णेय, मधु अग्निहेात्री, स्टीफन सिंह, विवेक गुप्ता, प्रताप यादव आदि मौजूद रहे।