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(बीएचईएल के मुख्य द्वार, मेट्रो रेल और कार्यपालक निदेशक की फोटो)

झांसी बीएचईएल में बनेगी मेट्रो रेल कोच फैक्टरी
सब हेड... जापान की कंपनी कावासाकी से हुआ करार
- 500 करोड़ का होगा निवेश
विकास सनाड्य
झांसी।
मेट्रो रेल कारोबार में असीम संभावनाओं के मद्देनजर भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने इस क्षेत्र में कदम रख दिया है। इसके लिए बीएचईएल ने देश के बड़े संस्थानों को पीछे छोड़ते हुए जापान की कंपनी कावासाकी से करार किया है। करार के तहत मेट्रो का निर्माण बीएचईएल करेगी और तकनीकी कावासाकी उपलब्ध कराएगी। इस परियोजना में बीएचईएल 500 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। मेट्रो रेल कोच फैक्टरी की स्थापना बीएचईएल की झांसी इकाई में होगी। हालांकि, इस पर अभी उच्च प्रबंधन की मुहर लगना बाकी है।
बीएचईएल के देश भर में चौदह प्लांट हैं। इनमें केवल झांसी प्लांट में ही लोकोमोटिव (रेल इंजनों) का निर्माण किया जाता है। यहां बनने वाले लोकोमोटिव उच्च गुणवत्ता के होते हैं। इसमें बीएचईल की अच्छी साख है। रेलवे के अलावा प्राइवेट कंपनियां भी बीएचईएल से इंजन खरीदती हैं। बीएचईएल की झांसी इकाई का यह लंबा अनुभव अब उसे कारोबार के उच्च मुकाम पर पहुंचाने वाला है। बीएचईएल का जापान की कंपनी कावासाकी से मेट्रो रेल बनाने का करार हुआ है। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि यह देश में स्थित बीएचईएल के किस प्लांट में बनेगी, परंतु झांसी इकाई के अनुभव के आधार पर यह तय माना जा रहा है कि मेट्रो रेल कारखाने की स्थापना यहीं होगी। इसी सिलसिले में कावासाकी कंपनी के जापान से आया प्रतिनिधिमंडल बीएचईएल का दौरा भी कर चुका है। कावासाकी कंपनी के अधिकारियों ने मेट्रो रेल कारखाने के लिए प्लांट की विस्तारीकरण की संभावनाओं को टटोला था, जो मुफीद पाई गई हैं। उल्लेखनीय है कि ललितपुर रोड पर बीएचईएल की इकाई 532 एकड़ एरिया में फैली हुई है। इसके अलावा 529 एकड़ में टाउनशिप है। ऐसे में बीएचईएल को विस्तारीकरण के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी होगी।
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बढ़ेगा रोजगार, होगा विकास
वर्तमान में बीएचईएल की झांसी इकाई में ढाई हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें चौदह सौ स्थायी और बाकी ठेके के माध्यम से हैं। इनमें से ज्यादातर कर्मचारी ट्रांसफार्मर और लोकोमोटिव यूनिट में कार्यरत हैं। मेट्रो रेल निर्माण का काम शुरू होने से भेल को भारी संख्या में कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। खासतौर पर तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को मौका मिलेगा। इतना ही नहीं, क्षेत्र के छोटे उद्योग भी इससे लाभान्वित होंगे। वह छोटे पुर्जों की बीएचईएल को आपूर्ति कर सकेंगे। इससे नये उद्योग स्थापित होने की संभावना भी बढ़ेगी।
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बीएचईएल की बड़ी उपलब्धि
मेट्रो रेल निर्माण के लिए बीएचईएल का जापानी कंपनी कावासाकी से करार हुआ है। यह एक बड़ी कारोबारी उपलब्धि है। झांसी इकाई के पास लोकोमोटिव बनाने का लंबा सफल अनुभव है। ऐसे में बड़ी संभावना है कि यह काम झांसी इकाई में होगा। हालांकि, यह तय करना उच्च प्रबंधन का काम है। अगले चार-पांच महीनों में यह तय हो जाएगा।
- डी के दीक्षित, कार्यपालक निदेशक - बीएचईएल
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