फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अदर्स- प्रभारी मंत्री की पत्रकार वार्ता--City

विज्ञापन
विज्ञापन
अदर्स
विज्ञापन

--------
फोटो
------
नर्सिंगहोम के रेट तय करने को कानून बनेगा
सब हेड: प्रभारी मंत्री ने कहा, बालू खदानों पर लगाई जाएगी कीमत का बोर्ड
क्रासर
- आयुर्वेद कॉलेज में पैसे लेने की शिकायत पर जांच के आदेश
- कॉलेज की जमीन पर अवैध कब्जे की जांच करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जिले के प्रभारी मंत्री/ ग्रामीण अभियंत्रण सेवा मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि नर्सिंगहोम में पैसे की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ही नर्सिंगहोम के रेट कानून के दायरे में लाए जाएंगे, ताकि गरीब मरीजों को इसका फायदा मिले। उन्होंने कहा कि बालू खदानों पर कीमत का बोर्ड लगवाया जाएगा। आयुर्वेद कॉलेज में पैसे लेने की शिकायत और जमीन पर कब्जे की जांच के आदेश भी दिए।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि नर्सिंगहोम में कमरों का किराया, ऑपरेशन का चार्ज और जांचों की सुविधा के लिए रेट निर्धारित किए जाएंगे। अभी नर्सिंगहोम के रेट निर्धारण करने के लिए कोई मानक नहीं है। इसलिए गरीब मरीज चाहकर भी नर्सिंगहोम में इलाज नहीं करा पा रहा है। जल्द ही कानून बनाया जाएगा। बालू के रेट अभी निर्धारित नहीं हैं। सरकार मंथन कर रही है कि बालू की दरें तय की जाएं, इसलिए कानून बनाने पर मंथन किया जा रहा है। जहां बालू का खनन हो रहा है, वहां बालू की दरें तय कर रेट सूची लगाई जाएगी।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक कॉलेज में शिकायत मिली थी कि मरीज से ऑपरेशन के नाम पर 1,900 रुपये वसूले गए हैं, जबकि रेट 458 रुपये है। इस पर आयुर्वेदिक कॉलेज का निरीक्षण कर मरीजों के बयान दर्ज किए गए। कॉलेज की जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश हो रही है, जमीन हड़पने का प्रयास चल रहा है। पूर्व में इसकी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें एडीजीसी की भूमिका और अधिकारियों की मिलीभगत पर संदेह है। अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जांच कमेटी बना दी गई है। क्षेत्राधिकारी को आदेश दिया है कि पूर्व में दर्ज एफआईआर को संज्ञान में लें और विवेचना करें। किसी भी सूरत में अवैध कब्जा नहीं होने देंगे।
पहूज नदी की जमीन पर अवैध कब्जों के सवाल पर उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट की तथ्यात्मक जानकारी मांगी है। इसमें यह दिक्कत आ रही है कि महायोजना बनाते समय इसमें ग्रीन बेल्ट का हिस्सा छूट गया था। इसलिए टाउन प्लानर को निर्देश दिए गए हैं कि पानी के कैचमेंट एरिया को चेक करें और यदि इस दायरे में मकान आएंगे तो उन्हें ध्वस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पानी कम बरसने के कारण मूंग, उड़द, तिल और धान के नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को कहा जाएगा, ताकि सूखा को लेकर प्रभावी कदम उठाया जा सके।
विज्ञापन

इस मौके पर विधायक रवि शर्मा, जवाहर लाल राजपूत, बिहारी लाल आर्य, राजीव सिंह, निवर्तमान महापौर किरन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय दुबे, संजीव ऋंगीऋषि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें