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पर्यावरण विज्ञान कोर्स में संभावनाएं अपार-Lalitpur

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पर्यावरण विज्ञान कोर्स में संभावनाएं अपार
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टैग: मिशन एडमिशन
- हवा, जल, मृदा की गुणवत्ता की जांच की दी जाती जानकारी
- रिफाइनरी, माइंस आदि में वैज्ञानिक के तौर पर पा सकते जॉब
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
आज के दौर में पर्यावरण विज्ञान का क्षेत्र संभावनाओं से भरा है। इसकी पढ़ाई के बाद रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। पर्यावरण विज्ञान में इंसान और पर्यावरण का एक-दूसरे से पड़ने वाले असर का अध्ययन किया जाता है। पर्यावरण सुरक्षा संबंधी कार्य, साइंस एवं इंजीनियरिंग के विभिन्न सिद्धांतों के प्रयोग से पर्यावरण विज्ञान आगे बढ़ता है। पर्यावरणविद का कार्य शोधपरक होता है। इसमें प्रशासनिक, सलाहकार व पर्यावरण संरक्षण तीनों स्तरों पर कार्य करने की संभावनाएं हैं।
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पर्यावरण विज्ञान मूल रूप से ऊर्जा संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, भूजल एवं मृदा संदूषण, वायु, जल व ध्वनि प्रदूषण, औद्योगिक वाहन व प्रदूषण, प्लास्टिक जोखिम को दूर करने के लिए विकसित की गई कई प्रौद्योगिकी का अध्ययन है। पर्यावरण को स्वच्छ तथा सुरक्षित बनाने के बारे में पूरा विश्व जागरूक हुआ है, इसलिए हाल ही में पर्यावरण विज्ञान कॅरियर के क्षेत्र के रूप में उभरा है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पर्यावरण विभाग के सहायक आचार्य डॉ. विनीत कुमार ने बताया कि पर्यावरण विज्ञान के अध्ययन के अंतर्गत छात्रों को हवा, जल और मृदा की गुणवत्ता की जांच के साथ ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट करने संबंधित जानकारी दी जाती हैं। कोर्स करने के बाद संभावनाओं के अनेकों अवसर हैं। इस क्षेत्र में कई सरकारी व गैर सरकारी एजेंसियां, एनजीओ फर्म्स व कॉलेज हैं, जहां प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है। वेस्ट ट्रीटमेंट एजेंसी, रिफाइनरी, डिस्टिलरी, माइंस, सीमेंट उद्योग तथा टेक्सटाइल्स मिल्स में पर्यावरण वैज्ञानिक के रूप में रोजगार पा सकते हैं।
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कोर्स का नाम: एमएससी एनवॉयरमेंट साइंस
चयन प्रक्रिया: प्रवेश परीक्षा
योग्यता: बीएससी बायोलॉजी/लाइफ साइंस/एग्रीकल्चर
सीटें: 30
अवधि: दो साल
फीस: 27,000
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