इस बार नगर निगम क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1,500 से ज्यादा नहीं होगी। नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में यह संख्या 1,200 तय की गई है। एक मकान और एक परिवार के मतदाताओं के नाम एक ही मतदान स्थल पर होंगे।
मतदाताओं को वोट डालने के लिए परेशानी से बचाने को निर्वाचन आयोग ने प्रत्येक वार्ड के मतदाताओं के लिए उसी वार्ड में मतदान केंद्र बनाने, वार्ड के मतदाता उसी वार्ड के मतदान केंद्र से जोड़ने, एक मकान अथवा एक परिवार के मतदाताओं का नाम एक की मतदान केंद्र पर रखने और मतदाताओं को वोट डालने के लिए कम से कम पैदल चलना पड़े, इसका ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।
यह भी निर्देश हैं कि प्रत्येक वार्ड में कम से कम एक मतदान केंद्र जरूर बनाया जाए, भले ही उसमें मतदाताओं की संख्या एक हजार हो। विशेष परिस्थितियों में यदि किसी वार्ड में सरकारी/ अर्द्ध सरकारी भवन/ सरकारी/ सहायता प्राप्त स्कूल नहीं है तो उस वार्ड के सबसे निकट वाले वार्ड में मतदान केंद्र बनाया जाए।
किसी मतदान केंद्र पर चार से अधिक मतदान स्थल न बनाए जाएं। यदि किन्हीं कारणों से चार से अधिक मतदान केंद्र बनाना जरूरी हुआ तो जिला मजिस्ट्रेट/ जिला निर्वाचन अधिकारी से अनुमति ले लें। मतदान स्थल भूतल पर ही बनाया जाए। दिव्यागों की सुविधा के लिए मतदान केंद्र पर रैंप जरूर रहे। मतदान स्थल बनाने के लिए कम से कम 20 मीटर का कमरा होना चाहिए।
मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या तय करने के लिए 15 अक्तूबर तक सर्वे कराकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसमें अफसरों को इस बात का पता लगाना होगा कि नगर निगम क्षेत्र में एक मतदान केंद्र पर 1,500, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1,200 मतदाता ही रहेंगे। यदि किसी मतदान केंद्र पर इससे अधिक मतदाता होंगे तो उन्हें वहां से हटाकर नए पोलिंग बूथ पर शिफ्ट किया जाएगा।
रोडमैप तैयार होगा
मतदाताओं को मतदान केंद्र पर आने- जाने, बिजली, पानी समेत अन्य कोई परेशानी न हो, इसके लिए मतदान केंद्रों का रोडमैप तैयार होगा। मतदान केंद्र के बूथ पर उपलब्ध खिड़की, दरवाजे, छाया, बाउंड्रीवाल, पेयजल सुविधा का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
कसौटी पर परखे जाएंगे मतदान केंद्र
मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसलिए उनमें पोलिंग बूथों की संखा, मतदान केंद्र पर बूथ स्तर के उपलब्ध कक्षों की संख्या, मतदाताओं के लिए छायादार विश्राम स्थल, बाउंड्रीवाल, पेयजल, शौचालय और मतदान केंद्र तक पहुंचने की सहज सुविधा के आधार पर मतदान केंद्रों को परखा जाएगा।
जागरूकता अभियान चलेगा
सभी विधानसभा क्षेत्रों के निकायों में ऐसे दस- दस मतदान केंद्र छांटे जाएंगे, जहां पर पिछले निकाय चुनाव में मतदान प्रतिशत न्यूनतम था। वहां पर निकाय चुनाव से पहले मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।