झांसी। लॉकडाउन से चरमराए व्यापार को फिर से खड़ा करने के लिए जिले के डेढ़ हजार कारोबारियों ने चार करोड़ रुपये का ‘कोविड लोन’ लिया है। ये सभी वो कारोबारी हैं, जो पहले से ही बैंकों के कर्जदार हैं। अब उन्हें कम ब्याज पर अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है।
कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिए लागू किए गए लॉकडाउन की वजह से कारोबार व रोजगार बुरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। तमाम कारोबारियों के सामने अपने व्यापार को फिर से खड़ा करने के लिए पूंजी का अभाव पैदा हो गया है। उनकी इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर बैंकों की ओर से कोविड लोन दिया जा रहा है। ये ऋण उन व्यापारियों को मिल रहा है, जो पहले से बैंकों से ऋण लिए हुए हैं। 29 फरवरी 2020 तक उन पर जितना ऋण बकाया था, उसका 20 प्रतिशत उन्हें और दिया जा रहा है। ये ऋण 7-8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है। जबकि, सामान्य ऋण पर 9-10 फीसदी ब्याज वसूला जाता है। हालांकि, ये उन कारोबारियों को ही मिल रहा है, जिनका खाता सुचारु रूप से चल रहा है। एनपीए खाताधारकों को इस योजना से अलग रखा गया है। झांसी में अलग-अलग बैंक शाखाओं से अब तक डेढ़ हजार कारोबारी चार करोड़ रुपये का कर्ज ले चुके हैं।