अमर उजाला ब्यूरो
झांसी/मऊरानीपुर/गुरसराय। भीषण गर्मी की वजह से मंगलवार को डायरिया, बुखार और डिहाइड्रेशन के 15 मरीज सरकारी अस्पतालों में भर्ती हुए। मऊरानीपुर सीएचसी में तेज बुखार (हाई ग्रेड फीवर) के चलते तीन मरीजों की जान चली गई। हालांकि, स्वास्थ्य महकमे का कहना है कि गर्मी या लू से किसी की भी मौत नहीं हुई है।
जिले में तापमान नए-नए रिकॉर्ड बना रहा है। मंगलवार को अधिकतम पारा 49 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा छू गया। डॉक्टरों के मुताबिक गर्मी में शरीर में पानी की कमी हो जाने से लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। डायरिया के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि मंगलवार को इमरजेंसी में डायरिया के 10 मरीज भर्ती हुए। चिकित्सकों ने सभी का इलाज किया। शाम को राहत मिलने पर डिस्चार्ज भी कर दिया गया। वहीं, जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि बुखार, डिहाइड्रेशन, डायरिया के चलते पांच मरीजों को भर्ती किया गया। सुझाव दिया कि इस समय सभी लोग गर्मी से बचाव करें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। बासी खाना भी न खाएं। वहीं, मऊरानीपुर सीएचसी में भर्ती नई बस्ती निवासी गणेश (40) पुत्र परमोले, ग्राम बरुआमाफ निवासी ललता (70) पत्नी चेतराम और ग्राम कुआगांव निवासी हरकिया (70) पत्नी मंगल सिंह की तेज बुखार से मौत हो गई। सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. ऊदल श्रीवास ने बताया कि तीनों मरीजों को गंभीर हालत में सरकारी अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। मगर उनके परिजन मरीज को वहां नहीं ले गए। हाईग्रेड फीवर से उनकी मौत हो गई। इसके अलावा गुरसराय सीएचसी पहुंचने से पहले ही टहरौली के ग्राम रनयारा निवासी मलखान पुत्र रामदास (65), गुरसराय के ग्राम गढ़बई निवासी बलराम पुत्र रामकेश (75) और ग्राम बंकापहाड़ी के आशाराम पाल पुत्र अनंदी (75) की मौत हो गई। गरौठा के चंदपुरा गांव के सुक्कीन पुत्र अयोध्या (93) को घबराहट होने पर सीएचसी लाया गया। हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहीं, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय का कहना है कि गुरसराय सीएचसी में तीनों ही लोग ब्राॅड डेड आए थे, जो कि बुजुर्ग थे। उनकी हार्ट अटैक से जान जाने की आशंका है। झांसी में लू या गर्मी से मंगलवार को कोई भी मौत नहीं हुई है।