झांसी/ ललितपुर। भीषण गर्मी में पिछले 24 घंटे में 15 घंटे बिजली कटौती से पूरा शहर बेहाल रहा। 22 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों की धज्जियां उड़ गई। रविवार रात लगभग 11 बजे पारीछा से हंसारी पावर हाउस के बीच तार टूटने के बाद पूरे शहर की बिजली गुल हो गई। रात एक बजे से दो- दो घंटे के लिए क्षेत्रवार बिजली दी गई। इस कारण जलापूर्ति भी प्रभावित रही। यह अलग बात है कि शहर के बड़े अफसर व सक्षम लोग जनरेटर से काम चलाते रहे, लेकिन आम पब्लिक रात भर बेचैनी की वजह से सो नहीं सकी। ललितपुर में भी हालात जुदा नहीं रहे, यहां दिन में पसीने- पसीने हुए लोग रात में भी अंधेरे में उबलते रहे। आपूर्ति मंगलवार को सुचारु होने की उम्मीद है।
उधर, झांसी में बिजली संकट से त्रस्त कांग्रेसियों ने पब्लिक के साथ मिलकर मुख्य अभियंता (वितरण) पी के जैन को घेर लिया। उनके इस आश्वासन पर कि मंगलवार की रात आठ बजे आपूर्ति सामान्य हो जाएगी, तब वे वहां से हटे।
झांसी। भीषण गर्मी में पिछले 24 घंटे में 15 घंटे बिजली कटौती से पूरा शहर बेहाल रहा। 22 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों की धज्जियां उड़ गई। रविवार रात लगभग 11 बजे पारीछा से हंसारी पावर हाउस के बीच तार टूटने के बाद पूरे शहर की बिजली गुल हो गई। रात एक बजे से दो- दो घंटे के लिए क्षेत्रवार बिजली दी गई। इस कारण जलापूर्ति भी प्रभावित रही।
यह अलग बात है कि शहर के बड़े अफसर व सक्षम लोग जनरेटर से काम चलाते रहे, लेकिन आम पब्लिक रात भर बेचैनी की वजह से सो नहीं सकी। उधर, बिजली संकट से त्रस्त कांग्रेसियों ने पब्लिक के साथ मिलकर मुख्य अभियंता (वितरण) पी के जैन को घेर लिया। उनके इस आश्वासन पर कि मंगलवार की रात आठ बजे आपूर्ति सामान्य हो जाएगी, तब वे वहां से हटे।
ब्लास्टिंग जोन में टूटे हाइटेंशन तार
झांसी। रविवार की रात पारीछा से हंसारी पावर हाउस आने वाले 132 के दो टावरों के बीच तार टूटने से झांसी व ललितपुर की बिजली 132 के दो सर्किट की जगह एक सर्किट पर निर्भर होकर रह गई है। सभी सब स्टेशनों को दो- दो घंटे बिजली देने का रोस्टर बना दिया है। मंगलवार की रात तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
पारीछा थर्मल पावर हाउस से आने वाले 132 केवी के दो सर्किटों से झांसी व ललितपुर जनपद को बिजली दी जाती है। इनमें एक सर्किट हंसारी से होकर ललितपुर की तरफ चला जाता है। पारीछा से हंसारी आने वाले सर्किट के हाइटेंशन तार व अर्थ वायर गोरामछिया के निकट ब्लास्टिंग जोन में (ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर लगने से) दो टावरों के बीच टूट गए। इससे झांसी शहर व आसपास क्षेत्र की बिजली गुल हो गई।
खबर लगते ही ट्रांसमिशन अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। रात एक बजे के बाद ललितपुर जाने वाले दूसरे सर्किट की मदद से हंसारी पावर हाउस को भी करंट देना शुरू किया गया। इसके बाद सभी सब स्टेशनों को दो- दो घंटे के अंतराल पर बिजली देना शुरू किया। हालांकि, ओवर लोडिंग के कारण सब स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों को दो घंटे भी बिजली नहीं मिल सकी। सब स्टेशन से जुड़े सभी फीडरों को पौन से एक घंटे के अंतराल पर बिजली दी गई। जैसे कि जेल चौराहा सब स्टेशन से इलाइट, झोकन बाग, सदर बाजार, झांसी टू व एमईएस फीडर जुड़े हुए हैं।
उक्त सभी फीडरों को दो घंटे की बिजली में एक साथ चलाना संभव नहीं हो पा रहा था। इस कारण हर आधे- आधे घंटे में तीन- तीन फीडरों को बिजली दी गई। कुछ ऐसा ही हाल मुन्नालाल सब स्टेशन का बना रहा। इस सब स्टेशन से नौ फीडर जुड़े हुए हैं। ओवर लोडिंग व अन्य फाल्टों के कारण इन फीडरों से जुड़े क्षेत्रों को औसत आठ से नौ घंटे ही बिजली मिल सकी।
इन इलाकों में आए फाल्ट
गोविंद चौराहा, सिविल लाइन, रानी महल, पठौरिया में तार टूटा, ईसाई टोला, शिवाजी नगर में एक फेस में फाल्ट।
ये रहीं बड़ी दिक्कतें
- इनवर्टर और मोबाइल डिस्चार्ज रहे। पंप नहीं चले, फ्रिज बंद रहे और इसके अलावा रोजमर्रा के तमाम कार्यों पर भी प्रभाव पड़ा।
‘टावरों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। कुछ जटिल कार्यों के लिए लखनऊ से मरम्मत गैंग को बुलाया गया है। मंगलवार की रात तक स्थिति को सामान्य बना लिया जाएगा।’
पी के जैन
मुख्य अभियंता (वितरण)
‘मैं बिजली संकट से वाकिफ हूं। एक मुकदमे के सिलेसिले में लखनऊ हाईकोर्ट आया हूं, परंतु यहां से लगातार विद्युत समस्या पर नजर रखे हुए हूं। विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर व अन्य उच्चाधिकारियों के संपर्क में हूं। सोमवार की रात झांसी लौट आऊंगा। बिजली संकट का जल्द समाधान होगा।’
- अजय कुमार शुक्ला, जिलाधिकारी
आज भी झेलना पड़ेगा बिजली संकट
एक सर्किट में आए व्यवधान के बाद सब स्टेशनों को बिजली देने का रोस्टर बना दिया गया है। रोस्टर के हिसाब से विभाग 24 में 12 घंटे बिजली देने का दावा कर रहा है। इसमें मुन्नालाल, नंदनपुरा, प्रेमनगर, एमईएस बबीना, भेल, बिजौली इंडस्ट्रीयल को रात दो बजे से सुबह चार बजे तक, सुबह छह बजे से आठ बजे तक, दस बजे तक बारह बजे तक, दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक, शाम छह बजे से रात आठ बजे तक व रात दस बजे बारह बजे तक बिजली दी जा रही है। इसी तरह जेल चौराहा, रानी महल, सीपरी बाजार, गल्ला मंडी, रेलवे व बिजौली टाउन सब स्टेशन को रात बारह बजे से दो बजे तक, सुबह चार बजे से छह बजे तक, आठ बजे से दस बजे तक, दोपहर बारह बजे से दो बजे तक, शाम चार बजे से छह बजे तक, रात आठ बजे से दस बजे तक बिजली दी जा रही है।
रात को बच्चा रोता है, चीफ इंजीनियर सोता है
झांसी। बिजली संकट से त्रस्त कांग्रेसियों ने सोमवार को मुख्य अभियंता (वितरण) का घेराव किया। इस दौरान पब्लिक भी मौजूद रही। गुस्साए लोगों ने वहां चल रहे एसी और पंखे भी बंद कर दिए। नारा लगाया- ‘रात को बच्चा रोता है, चीफ इंजीनियर सोता है’। लगभग तीन घंटे घेराव के दौरान पब्लिक के साथ- साथ अभियंता भी बेचैन रहे। लोगों का कहना था कि अब शायद अफसरों को बिजली कटौती का अहसास होगा।
इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि पिछले दस दिन से आए- दिन फाल्ट सामने आ रहे हैं, इससे लोगों को जीना मुहाल हो गया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया था बुंदेलखंड को 22 घंटे बिजली मिलेगी, लेकिन हकीकत इसके बिलकुल उलट है। इस संकट में ललितपुर स्थित बजाज पावर प्लांट से भी बिजली न मिल पाने पर उन्होंने अव्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त की। हालांकि, इस पर मुख्य अभियंता ने बताया कि दुनारा 220 केवी सब स्टेशन से बजाज पावर प्लांट तक जाने वाली लाइन का टावर दो दिन पूर्व तालबेहट के निकट गिर गया था, उसे दुरुस्त होने में एक सप्ताह का समय लग जाएगा, इसके बाद ही बजाज प्लांट से उत्पादन शुरू हो सकेगा।
इस बीच आक्रोशित कांग्रेसियों ने मुख्य अभियंता कक्ष के एसी व पंखे बंद कर दिए। इसके बाद मुख्य अभियंता ने लिखित आश्वासन दिया कि वह जिलाधिकारी को पत्र लिखेंगे कि गर्मियों के दिनों में ब्लास्टिंग जोन में ब्लास्ट का काम रोक दिया जाए। मंगलवार की रात तक आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। टावर टूटने पर सेना की मदद के लिए पत्र लिखेंगे, ताकि स्थिति जल्द सामान्य हो सके। इस दौरान अफसर एक घंटे तक कांग्रेसियों के साथ पसीने- पसीने होते रहे। इस मौके पर नगर क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार गुप्ता, ग्रामीण क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता संदीप अग्रवाल अधिकारियों के अलावा कांग्रेस नेताओं में मनीराम कुशवाहा, डॉ. सुनील तिवारी, अरविंद वशिष्ठ, मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे।