अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा की राह में अब पैसे की कमी बाधा नहीं बन रही है। बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद उनके पास बैंक से ऋण लेकर आगे की पढ़ाई पूरी करने का विकल्प मौजूद है। जिले में 1476 विद्यार्थी ऐसे हैं, जो इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने बैंकों से 71 करोड़ 24 लाख रुपये का ऋण ले रखा है। इनमें से कई विद्यार्थी विदेशों में अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं।
केंद्र सरकार के विद्या लक्ष्मी पोर्टल के जरिये विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जाता है। बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद देश या विदेश में किसी मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षा संस्थान में पढ़ाई करने के लिए ऋण दिया जाता है। खास बात यह है कि दिए गए ऋण की अदायगी विद्यार्थी को नौकरी लगने के बाद पांच से सात साल के दरम्यान किस्तों में करनी होती है। चार लाख तक का ऋण बगैर गारंटर के उपलब्ध कराया जाता है। दिए गए ऋण पर 8.15 से 11.15 प्रतिशत तक सालाना ब्याज अदा करना होता है। झांसी में इस योजना के जरिये 1476 विद्यार्थियों ने 71.24 करोड़ रुपये का ऋण ले रखा है। इनमें 532 छात्राएं भी हैं, जिन पर 26.63 करोड़ रुपये का ऋण है। इनमें से 515 छात्रों ने पिछले वित्तीय वर्ष में बैंकों से 10.47 करोड़ रुपये का ऋण लिया था।
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अदायगी की है अच्छी स्थिति
अन्य ऋणों की अपेक्षा शिक्षा ऋण की अदायगी की स्थिति बेहतर है। 98 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने पूर्व में लिया अपना शिक्षा ऋण नौकरी लगने के बाद निर्बाध रूप से लौटाया है। कुछ एक छात्र ही ऐसे हैं, जो ऋण सुचारू रूप से वापस नहीं कर सके हैं। नौकरी लगने में हुई देरी की वजह से वे समय से ऋण नहीं लौटा पाए।
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फोटो एलडीएम
विद्या लक्ष्मी पोर्टल के जरिये बैंकों की ओर से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए ऋण आसानी से उपलब्ध कराया जाता है। इसका रिकवरी रेट भी बहुत अच्छा है। विद्यार्थियों का नौकरी लगने के बाद लिए गए ऋण की अदायगी पर पूरा फोकस रहता है। - अजय कुमार शर्मा, अग्रणी जिला प्रबंधक