60 दिन बाद भी नहीं हुआ 72 घंटे में होने वाला भुगतान
झांसी। जिले में हुई उड़द और मूंगफली की खरीद का किसानों को दो महीने बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। जबकि, नियमानुसार ये 72 घंटे में किया जाना था। मामला शासन स्तर पर पहुंचने के बाद भी किसानों को राहत नहीं मिल पा रही है।
पीसीएफ और नैफेड द्वारा जिले में उड़द की खरीद के लिए सात और मूंगफली के लिए चार क्रय केंद्र खोले गए थे। इन केंद्रों पर नवंबर से जनवरी माह तक खरीद की गई थी। बिक्री के लिए किसानों ने पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। बिक्री के बाद नियमानुसार किसानों को 72 घंटे के भीतर भुगतान किया जाना था। रकम आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खाते में भेजी जानी थी। लेकिन, स्थिति ये है कि किसानों को अब तक अपनी मेहनत और लागत का मूल्य नहीं मिल पाया है। जनपद के सैकड़ों किसानों के लगभग तीन करोड़ रुपये अटके हुए हैं। वहीं, गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत इस मामले को शासन स्तर पर उठा भी चुके हैं।
किसानों को भुगतान में हो रही देरी के मामले में पीसीएफ के क्षेत्रीय व जिला प्रबंधक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। भुगतान के लिए पीसीएफ सचिव व प्रमुख सचिव सहकारिता को पत्र लिखा गया है। किसानों का भुगतान जल्द होने की उम्मीद है। - नगेंद्र शर्मा, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
11 जनवरी को 21 क्विंटल मूंगफली बेची थी, जिसके 1,02,690 रुपये बकाया हैं। भुगतान 72 घंटे में होना था लेकिन तीन महीने बाद भी नहीं हो पाया है। भुगतान के लिए मैं अकेला ही नहीं, बल्कि जिले के सैकड़ों किसान परेशान हैं। शासन-प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। - अंबिका शरण, किसान - ग्राम पचवई।
किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले, इसके लिए सरकारी स्तर पर क्रय केंद्र तो खोले जाते हैं, लेकिन यहां आसानी से फसल की बिक्री नहीं हो पाती है। तत्काल भुगतान भी नहीं होता है। इन हालातों में किसान मजबूरन व्यापारियों को औने पौने दामों में फसल बेचते हैं। - रमेश यादव, किसान - ग्राम पाली