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बारिश: बेतवा में फंसे लोगों को बचाया -City

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सेना ने हेलीकॉप्टर से बचाई आठ की जान
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सब हेड... पांच घंटे बेतवा नदी में टापू पर फंसे रहे
- मछली के शिकार पर गए थे, अचानक पानी बढ़ने से घिरे
- प्रशासन की तत्परता आई काम
अमर उजाला ब्यूरो
एरच/झांसी। रविवार को बेतवा नदी में मछली का शिकार करने गए आठ लोग अचानक बहाव तेज होने से टापू पर फंस गए। सूचना मिलने पर प्रशासन ने सेना की मदद ली। शाम को सेना की टीम ने हेलीकॉप्टर के जरिये सभी आठ लोगों को सकुशल टापू से बाहर निकाला।
ग्राम टेहरका के सत्यवीर सिंह, रामगोपाल, रामकेश, सुनील, अतबल सिंह, तेजराम, दिलीप और रवि रविवार की सुबह नौ बजे मछली का शिकार करने बेतवा नदी पर गए थे। दोपहर तक वे शिकार में व्यस्त रहे। इसी दरम्यान पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, वे नदी में फंस चुके थे। किसी तरह उन्होंने नदी पर उभरे टापू पर पहुंच कर जान बचाई। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी क्षेत्रीय विधायक जवाहर लाल राजपूत को दी। विधायक ने जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी से संपर्क किया। डीएम ने तत्काल एनडीआरएफ और सेना से मदद के लिए संपर्क किया और पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए। शाम तकरीबन छह बजे पहुंचे एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर ने सभी को नदी से सकुशल बाहर निकाला।
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पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान विधायक जवाहर लाल राजपूत, डीआईजी सुभाष सिंह, एडीएम हरीशंकर, एसपी देहात कुलदीप सिंह, एसडीएम गरौठा बृजेंद्र कुमार त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी गरौठा अभय नारायण राय ,थाना प्रभारी निरीक्षक बी पी मिश्रा मौके पर मौजूद रहे। भारी संख्या में नदी के किनारे पर ग्रामीणों की भी भीड़ जमा रही।

पहले रस्सा डाला, फिर हेलीकॉप्टर में बैठाया
शाम तकरीबन छह बजे सेना की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। पहले हेलीकॉप्टर ने आसपास के क्षेत्र का चक्कर लगाकर जायजा लिया। फिर हेलीकॉटर उस जगह पर पहुंचा, जहां मछुआरे फंसे हुए थे। पहले हेलीकॉप्टर से मोटे रस्से को लटकाया गया और सभी को उसे कसकर पकड़ने को कहा। इसके बाद हेलीकॉटर को नीचे किया गया, जिसमें एक-एक कर सभी फंसे हुए लोगों को बैठाया गया। यहां से ले जाकर सभी को नदी से दूर एक खेत पर उतार दिया गया।

मौत करीब थी, आसमान से आया दूत
बेतवा के तेज बहाव के बीच घंटों टापू पर फंसे रहे ग्रामीणों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनकी जान बच जाएगी। लेकिन, जिलाधिकारी के मौके पर पहुंचने के बाद बचने की कुछ उम्मीद जगी। बेतवा का बहाव लगातार बढ़ता जा रहा था, लेकिन चाहकर भी कोई उनकी मदद नहीं कर पा रहा था। शाम को हेलीकॉप्टर नजर आने के बाद उनकी जान में जान आई। बाहर निकलकर मछुआरों सभी को धन्यवाद दिया। इस दौरान परिजन उनसे लिपट गए।
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प्रशासन की तत्परता आई काम
बेतवा नदी के तेज बहाव में मछुआरों के फंसे होने की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने तत्काल सेना और एनडीआरएफ से बचाव के लिए मदद मांगी। इसके बाद वे लगातार दोनों एजेंसियों से संपर्क में रहे। इससे समय रहते जान बचा ली गई। अन्यथा थोड़ा समय और गुजरने पर अंधेरा हो जाता। ऐसे में बचाव कार्य में और भी दिक्कतें आतीं।
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