बिहार के मजदूरों का ‘मुश्किल’ सफर
- मोंठ स्टेशन से प्रतिदिन लौट रहे चार सौ से पांच सौ मजदूर
- 19 की जगह अब 23 तक निरस्त रहेगी पैसेंजर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी-पारीछा डबल ट्रैक पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते कानपुर की तरफ जाने वाली अधिकांश ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से गुजारा रहा है। इससे धान की रोपाई करके लौटने वाले मजदूरों को मोंठ स्टेशन से इक्का-दुक्का ट्रेनें ही मिल रही है। इससे उनका सफर मुश्किल भरा हो गया है।
झांसी-कानपुर डबल ट्रैक पर नॉन इंटरलॉकिंग का काम शुरू होने के कारण झांसी-लखनऊ पैसेंजर, लखनऊ-झांसी, झांसी- कानपुर, और कानपुर- झांसी पैसेंजर ट्रेन दो से 19 अगस्त तक के लिए निरस्त चल रही थीं, मगर अब यह अवधि 23 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी गई है। साथ ही ग्वालियर-बरौनी मेल समेत अधिकांश ट्रेनों को बदले मार्ग से गुजारा जा रहा है। दस अगस्त से 11123 बरौनी-ग्वालियर मेल को कानपुर-इटावा-भिंड-ग्वालियर और 11124 ग्वालियर-बरौनी मेल को ग्वालियर-भिंड-इटावा-कानपुर के रास्ते गुजारा जा रहा है।
चूंकि, बिहार की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए ग्वालियर बरौनी मेल बेहद सुविधाजनक मानी जाती हैं। मगर, इस ट्रेन के परिवर्तित मार्ग से जाने के कारण झांसी और कानपुर की तरफ के ठहराव वाले स्टेशन के यात्री परेशान है। खासकर बिहार से समथर, मोंठ और आसपास के गांव में धान की रोपाई के मजदूरों ने दस अगस्त से लौटना शुरू कर दिया है। प्रतिदिन मोंठ स्टेशन पर बिहार लौटने के लिए चार सौ से पांच सौ मजदूर जुट रहे हैं। ग्वालियर-बरौनी मेल के परिवर्तित मार्ग से जाने के कारण उक्त मजदूरों पहले से भरकर जा रही झांसी-लखनऊ इंटरसिटी और साबरमती एक्सप्रेस में भूसे की तरफ ठुसकर कानपुर और लखनऊ का सफर करना पड़ रहा है। इसके बाद उनको ट्रेन बदलकर आगे जाना पड़ रहा है।
इन ट्रेनों में कर सकते हैं यात्रा
झांसी से कानपुर की तरफ रात 2.10 बजे 12534 पुष्पक एक्सप्रेस, सुबह 4.30 बजे 12512 राप्ती सागर एक्सप्रेस, सुबह 5.10 बजे 03254 इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस, सुबह 5.27 बजे 12542 लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस, शाम 5.40 बजे 19167 साबरमती एक्सप्रेस, शाम 7.15 बजे 11015 कुशीनगर एक्सप्रेस और रात 11.22 बजे 12183 भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस से यात्रा कर सकते हैं। यह ट्रेनें अपने निर्धारित समय और रूट से जाएंगी।