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न कोहरा, न बारिश, फिर भी ट्रेनें लेट-City

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न कोहरा न बारिश, फिर भी ट्रेनें लेट
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- लखनऊ से आने वाली गाड़ियों का हाल बुरा
- भीषण गर्मी में स्टेशन पर करना पड़ रहा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अभी न तो कोहरे का बहाना है और न ही आंधी तूफान और बरसात से कहीं ट्रैक क्षतिग्रस्त हुए है। आंदोलन ने भी रेल की राह नहीं रोकी है। इसके बावजूद ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री परेशान हैं। लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। उनके गंतव्य पर पहुंचने का कोई समय भी निर्धारित नहीं है। सबसे ज्यादा बुरा हाल लखनऊ की तरफ से आने-जाने वाली ट्रेनों का है।
सर्दी के मौसम में यात्री इसलिए परेशान रहते हैं, क्योंकि कोहरे की वजह से ट्रेनों की चाल धीमी हो जाती है। गर्मी आने के बाद यात्रियों को उम्मीद जगी थी कि उनकी परेशानी अब दूर हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भीषण गर्मी और उमस के कारण लंबी दूरी की कई ट्रेनें घंटों के विलंब से चल रही हैं। इस कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी लखनऊ की तरफ आने-जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ रही है। झांसी-लखनऊ इंटरसिटी और पुष्पक एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों का हाल बुरा है। भीषण गर्मी में यात्रियों को स्टेशन पर ही इंतजार करना पड़ रहा है।
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यह हैं ट्रेनें
लखनऊ आने-जाने के लिए अप व डाउन में झांसी-लखनऊ इंटरसिटी, पुष्पक एक्सप्रेस, राप्तीसागर एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, बरौनी मेल, मुंबई-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, इंदौर एक्सप्रेस, यशवंतपुर एक्सप्रेस, चेन्नई एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। इस रेलवे ट्रैक पर चलने वाली सभी ट्रेनें देरीं से ही चलती हैं। कई शिकायत के बाद अब तक लेटलतीफी दूर नहीं हो सकी।

महत्वपूर्ण ट्रेन है पुष्पक व इंटरसिटी
मुंबई से लखनऊ जाने व लखनऊ से मुंबई आने के लिए पुष्पक एक्सप्रेस महत्वपूर्ण ट्रेन मानी जाती है। एक माह से यह ट्रेन घंटों की देरी से चलने के कारण यात्री परेशान हैं। वहीं, झांसी-लखनऊ इंटरसिटी झांसीवासियों के लिए लखनऊ के लिए अच्छी ट्रेन है। इस ट्रेन का तो और भी बुरा हाल है।
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प्रयास जारी
रेलवे में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए मरम्मत और अन्य कार्य चल रहा है। सभी रेलवे में कार्य चलने के कारण ट्रेनें लेट हो जाती हैं। लेटलतीफी की समस्या को दूर कराने के रेलवे के प्रयास जारी हैं।
मनोज कुमार सिंह
जनसंपर्क अधिकारी
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