कोहरे का असर का टैग जरूर लगाएं
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ट्रेनों की रफ्तार पर कोहरे का ग्रहण
सब हेड: दिल्ली, कानपुर की ओर से सभी रेलगाड़ियां आईं लेट
क्रासर
लौटने की वाली गाड़ियां भी नहीं आ सकी समय पर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
ट्रेनों की रफ्तार से कोहरे का ग्रहण हटने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को भी दिल्ली और कानपुर की ओर से सभी ट्रेनें देरी से आईं। ट्रेनों की लेटलतीफी का असर उनकी वापसी पर भी पड़ा। बीना की ओर से आने वाली ट्रेनें भी लेट रहीं।
कोहरे के चलते रविवार को ट्रेनें रफ्तार नहीं पकड़ सकीं। सबसे ज्यादा असर दिल्ली से आने वाली ट्रेनों पर पड़ रहा है। रविवार को दिल्ली से आने वाली ट्रेन छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस दो घंटे, मैसूर स्वर्ण जयंती ढाई घंटे, थिरूकुलर एक्सप्रेस एक घंटा पचास मिनट, हीराकुंड एक्सप्रेस चार घंटे, उत्कल एक्सप्रेस छह घंटे, श्रीधाम एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे से अधिक, केरला एक्सप्रेस चार घंटे, मंगल एक्सप्रेस पांच घंटे, झेलम एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे, पातालकोट एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, पंजाब मेल सात घंटे, ताज एक्सप्रेस चार घंटे, दादर अमृतसर एक्सप्रेस डेढ़ घंटे की देरी से झांसी आईं।
कानपुर व लखनऊ जाने के लिए झांसी-लखनऊ इंटरसिटी व बरौनी मेल प्रमुख ट्रेन मानी जाती है। लेकिन, रविवार को दोनों ट्रेनें निरस्त रहने के कारण यात्री परेशान हो गए। जिन यात्रियों को जानकारी नहीं थी, वह यात्रा के लिए सुबह इंटरसिटी के समय स्टेशन पहुंचे, लेकिन ऐसे में ट्रेन निरस्त देख रेलवे के प्रति खासी नाराजगी जाहिर की। वहीं, बरौनी मेल भी रद रहने के कारण यात्री परेशान नजर आए।
ट्रेनों के देरी से चलने के कारण यात्री स्टेशन पर ही इंतजार करते नजर आए। ट्रेनों के देरी से चलनेे के कारण कई यात्रियों ने अपनी यात्रा स्थगित की। इसके चलते टिकट रिफंड कराने के लिए टिकट काउंटरों पर जुटे रहे। वहीं, ट्रेनों की स्थिति जानने के लिए पूछताछ कार्यालय में भी भीड़ रही। तीन घंटे से अधिक देरी से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को दूसरी गाड़ी में जाने के लिए अनुमति भी कराई।
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समस्याओं पर गंभीर नहीं रेलवे
रेलवे यात्रियों की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा। एकाएक ट्रेन रद करने से कई यात्री परेशान हैं। रेलवे को ऐसी समस्याओं को ध्यान में रखना चाहिए। अब टिकट रिफंड कराने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है।
संजय गुप्ता, शिवाजी नगर
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नहीं जा सका लखनऊ
मुझे जरूरी काम से लखनऊ जाना था, लेकिन अचानक ट्रेन रद होने के कारण मेरी समस्या और भी बढ़ गई है। अब लखनऊ जाने के लिए दोपहर में कोई ट्रेन भी नहीं है। अब बस से ही लखनऊ जाना पड़ेगा।
पवन गुप्ता, लक्ष्मण गंज
कोहरा बन रहा बाधा
कोहरा होने के कारण ट्रेनें विलंब से चल रही हैं। दुर्घटनाएं न हो, इसके लिए ट्रेनों को धीमी गति से चलाया जा रहा है। कोहरे से निपटने के इंतजाम भी लगातार रेलवे कर रहा है।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ
अफसर कर रहे निगरानी
झांसी। कोहरे में किसी भी प्रकार की कोई बड़ी समस्या पैदा न हो, इसके लिए रेलवे अफसरों द्वारा दृश्यता (विजीविलीटी) लगातार जांची जा रही है। अफसर प्रत्येक ट्रेन की लगातार निगरानी भी कर रहे हैं। साथ ही चालकों को विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए हैं। सिग्नलों की दृश्यता को गंभीरता के साथ जांचा जा रहा है। सिग्नलों के बीच की दूरी पर लगातार निगरानी की जा रही है। अफसरों का कहना है कि हर साल कोहरा दिसंबर से शुरू होता था, लेकिन इस साल नवंबर से कोहरे की शुरूआत हो जाने के कारण ट्रेनों का संचालन गड़बड़ा गया है। कोहरे के चलते दृश्यता कम होने के कारण चालकों को संचालन में परेशानी भी महसूस हो रही है। सिग्नलों पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्टेशन स्टाफ को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि सभी वॉकी-टॉकी का अधिक से अधिक उपयोग करें, ताकि तालमेल बना रहे।